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ओडिशा ने खनन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए केंद्र से अधिक समर्थन की मांग की

 

भुवनेश्वर, 1 जून (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को लोक सेवा भवन में केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें उन्होंने राज्य के खनन क्षेत्र को मजबूत करने और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में ओडिशा के योगदान को बढ़ाने के लिए केंद्र से अधिक समर्थन मांगा।

चर्चा के दौरान, मुख्यमंत्री ने भारत की खनिज अर्थव्यवस्था और औद्योगिक विकास में ओडिशा के बढ़ते महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि राज्य ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान लगभग 471 मिलियन टन खनिजों का उत्पादन किया, जिससे लगभग 46,000 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ।

हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस क्षेत्र में और अधिक विकास को गति देने के लिए केंद्र सरकार से अधिक सहयोग आवश्यक होगा।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने केंद्रीय मंत्री से ओडिशा में नीलाम किए गए खनन ब्लॉकों के लिए वन और पर्यावरण संबंधी स्वीकृतियों को शीघ्रता से प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने ओडिशा खनन निगम (ओएमसी) को ससुबोहुमाली बॉक्साइट ब्लॉक और ठाकुरानी लौह अयस्क ब्लॉक के आवंटन के लिए केंद्र सरकार के समर्थन की भी मांग की।

मुख्यमंत्री ने खनिज परिवहन को अधिक कुशल और लागत प्रभावी बनाने के लिए रेल और बंदरगाह अवसंरचना के तीव्र विकास की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने परित्यक्त कोयला खदानों को फ्लाई ऐश से भरने के लिए एक उपयुक्त ढांचा तैयार करने का भी सुझाव दिया, जो पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ पुनर्स्थापन उपाय हो सकता है।

इसके अतिरिक्त, सीएम मांझी ने केंद्रीय मंत्री से खनिज विश्लेषण और संसाधन मूल्यांकन के लिए उन्नत प्रौद्योगिकियों तक पहुंच को सुगम बनाने का अनुरोध किया।

प्रस्तावों पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने कहा कि खनन क्षेत्र में मुद्दों को हल करने के लिए रेलवे, बंदरगाह, वन और पर्यावरण सहित कई मंत्रालयों के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है।

उन्होंने खनन संबंधी मुद्दों को व्यापक और सहयोगात्मक दृष्टिकोण से हल करने के लिए सभी संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों और ओडिशा सरकार को शामिल करते हुए एक उच्च स्तरीय बैठक का प्रस्ताव रखा।

बैठक में खनन से प्रभावित क्षेत्रों के विकास और स्थानीय समुदायों के कल्याण पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी पात्र लाभार्थियों को पूर्ण रूप से कवर करने के लिए कल्याणकारी योजनाओं को "संतृप्ति स्तर" पर लागू करने पर जोर दिया है।

बैठक में यह संकल्प लिया गया कि खनन क्षेत्रों में व्यापक विकास को बढ़ावा देने के लिए समन्वित कार्यान्वयन हेतु केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जिला खनिज निधि (डीएमएफ) और कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) निधियों के साथ एकीकृत किया जाए।

ओडिशा सरकार ने बैठक को सूचित किया कि उसने खनन क्षेत्रों में एकीकृत विकास को बढ़ावा देने और सामुदायिक कल्याण के लिए संसाधनों के प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए "सीएम संपदा" नामक एक समर्पित पहल तैयार की है।

खनन क्षेत्र में कार्यरत केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) से संबंधित कई मुद्दों पर भी चर्चा की गई।

--आईएएनएस

एसएके/वीसी