ओडिशा में नए साल का जश्न, राज्यपाल और सीएम ने 'महा बिशुब संक्रांति' पर दी शुभकामनाएं
भुवनेश्वर, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कम्भमपति और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी सहित कई लोगों ने मंगलवार को 'महा बिशुब संक्रांति' (उड़िया नव वर्ष) और 'भगवान हनुमान जयंती' के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं।
कम्भमपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "उड़िया नव वर्ष और पवित्र 'महा बिशुब संक्रांति' के अवसर पर ओडिशा के प्यारे भाइयों और बहनों को मेरी ओर से हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई। यह पवित्र त्योहार हमारी संस्कृति की भव्यता, हमारी परंपराओं की सुंदरता और उड़िया पहचान के गौरव को उजागर करता है।
उन्होंने लिखा कि आइए, इस नए साल में हम सब मिलकर एकता, समर्पण और कड़ी मेहनत के बल पर ओडिशा को प्रगति के शिखर तक ले जाएं। महाप्रभु श्री जगन्नाथ का आशीर्वाद सभी पर बना रहे। सभी का जीवन सुख, शांति और समृद्धि से भरा रहे, यही मेरी हार्दिक कामना है।
सीएम माझी ने भी अपने संदेश में लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पवित्र अवसर और नया साल लोगों की सामूहिक शक्ति को प्रेरित करे, ताकि वे ओडिशा की सांस्कृतिक विरासत को और अधिक समृद्ध कर सकें और उड़िया पहचान के गौरव को बनाए रख सकें।
माझी ने 'एक्स' पर लिखा, "उड़िया नव वर्ष और 'महा बिशुब संक्रांति' के इस पवित्र अवसर पर, मैं आप सभी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। यह नया साल आपके जीवन को सुख, शांति और समृद्धि से भर दे, और हमें वैश्विक मंच पर अपनी संस्कृति और उड़िया पहचान का मान बढ़ाने के लिए नई ऊर्जा और शक्ति प्रदान करे।"
वहीं, विपक्ष के नेता और बीजू जनता दल के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने भी लोगों को शुभकामनाएं दीं।
'महा बिशुब संक्रांति' (जिसे 'पाना संक्रांति' के नाम से भी जाना जाता है) उड़िया नव वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है (यह बैसाख महीने का पहला दिन होता है)। यह वसंत ऋतु की फसल की कटाई के समापन और ग्रीष्म ऋतु के आगमन का संकेत देता है।
इस अवसर पर, पूरे राज्य के सभी मंदिरों और घरों में विशेष पूजा अर्चना की जाती है। देवी-देवताओं को 'पाना' का भोग भी लगाया जाता है। यह एक पारंपरिक मीठा पेय है जिसे गुड़, बेल फल, केला, नारियल और अन्य स्वादिष्ट सामग्रियों से तैयार किया जाता है।
ओडिशा के लोग भी पारंपरिक रूप से भगवान हनुमान की जयंती या जन्म वर्षगांठ को पूरे राज्य में बहुत ही भव्य तरीके से मनाते हैं। भगवान हनुमान भक्ति, शक्ति और भगवान राम की निस्वार्थ सेवा के साक्षात प्रतीक हैं।
--आईएएनएस
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