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ओडिशा सरकार ने ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए शुरू किया 44 दिवसीय अभियान

 

भुवनेश्वर, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। ओडिशा सरकार ने शुक्रवार को 'शिशु श्रम मुक्त ग्राम पंचायत' अभियान की शुरुआत की। यह 44 दिनों तक चलने वाला राज्यव्यापी जागरूकता अभियान है, जिसका उद्देश्य ओडिशा को बाल श्रम की समस्या से मुक्त बनाना है।

अभियान की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने एक वीडियो संदेश में कहा कि बाल श्रम एक सामाजिक बुराई है, जो बच्चों और किशोरों को शिक्षा के उनके मौलिक अधिकार से वंचित करता है।

उन्होंने कहा कि गांधी जयंती के अवसर पर राज्य सरकार ने ओडिशा को बाल श्रम मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत में 44 दिनों तक बाल श्रम के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को बाल श्रम के खिलाफ जागरूक करना और इसे खत्म करने के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ''हमारे समाज को बाल श्रम जैसी बुरी प्रथा से मुक्त करना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हम सभी का सामूहिक दायित्व है।''

उन्होंने कहा कि बच्चों का समग्र विकास ‘समृद्ध ओडिशा’ के लक्ष्य को हासिल करने की महत्वपूर्ण नींव है। मुख्यमंत्री ने लोगों से इस अभियान से जुड़ने और ओडिशा को बाल श्रम मुक्त बनाने के प्रयासों में अपना योगदान देने की अपील की।

माझी ने कहा, ''आइए, हम सभी मिलकर बाल श्रम मुक्त ओडिशा के निर्माण के लिए काम करें, जहां हर बच्चा सपने देख सके और उन सपनों को पूरा करने के लिए उसे सक्षम बनाया जा सके।''

ओडिशा में बाल श्रमिकों को लेकर आखिरी विशेष राज्यव्यापी सर्वे 1997 में किया गया था। उस सर्वे में राज्य में 2,15,222 बाल श्रमिकों की पहचान की गई थी।

हालांकि, ओडिशा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अनुसार, इसके बाद राज्य में बाल श्रम को लेकर कोई व्यवस्थित राज्यव्यापी सर्वे नहीं किया गया है।

--आईएएनएस

एएमटी/वीसी