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चक्रवात से निपटने की तैयारी तेज, ओडिशा ने प्रभावित जिलों में 5 आईएएस अधिकारियों की तैनाती की

 

भुवनेश्वर, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। ओडिशा सरकार ने रविवार को पांच आईएएस अधिकारियों को उन पांच जिलों में तैनात किया, जिनके आगामी चक्रवाती तूफान से सबसे अधिक प्रभावित होने की आशंका है। ये अधिकारी स्थानीय प्रशासन को तैयारियों में सहायता करेंगे और चक्रवात के बाद राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों की निगरानी करेंगे।

राज्य सरकार ने वरिष्ठ अधिकारियों को अपने-अपने निर्धारित जिलों में तुरंत पहुंचने का निर्देश दिया है।

ओडिशा के सामान्य प्रशासन और लोक शिकायत विभाग द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया कि निम्नलिखित आईएएस अधिकारियों को उनके नाम के आगे उल्लिखित संबंधित जिलों में तैनात किया गया है, ताकि राज्य में आने वाले चक्रवात से संबंधित राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों की तैयारियों और सुचारू प्रबंधन में जिला प्रशासन की सहायता की जा सके। संबंधित अधिकारियों से अनुरोध है कि वे तुरंत जिलों में पहुंचें।

कार्यालय के एक आदेश के अनुसार, ओडिशा राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के. सुदर्शन चक्रवर्ती को रायगड़ा जिले का प्रभार सौंपा गया है, जबकि अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति विकास एवं अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के ओडिशा अतिरिक्त सचिव पोमा टुडू कोरापुट जिले में चक्रवात की तैयारियों के साथ-साथ पुनर्वास कार्यों की देखरेख करेंगे।

इसी प्रकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त सचिव बिजय कुमार डैश, खेल विभाग के निदेशक येदुला विजय, और ओडिशा के मुख्यमंत्री के अतिरिक्त सचिव महेश्वर स्वैन को क्रमशः गजपति, मलकानगिरी और नबरंगपुर जिलों में तैनात किया गया है।

रविवार को मीडियाकर्मियों को जानकारी देते हुए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि ये अधिकारी पर्यवेक्षक के रूप में कार्य करेंगे और संबंधित जिला प्रशासनों एवं कलेक्टरों की सहायता करेंगे।

मंत्री ने आगे कहा कि उनके अनुभव का भी उपयोग किया जाएगा। हम उन्हें पूर्ण अधिकार के साथ तैनात कर रहे हैं ताकि वे आवश्यक निर्णय ले सकें। उन्हें ऐसे निर्णय लेने के लिए अधिकृत और सशक्त किया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार भारी वर्षा के कारण आने वाले चक्रवात से होने वाली किसी भी जानमाल की हानि और प्रभाव को कम करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है, विशेषकर बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए।

इस बीच, ओडिशा सरकार ने रविवार को एक सलाह जारी कर सभी वरिष्ठ अधिकारियों को आगामी चक्रवात के मद्देनजर सोमवार से मुख्यालय में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है, ताकि सुचारू प्रशासनिक कामकाज सुनिश्चित किया जा सके और किसी भी आपात स्थिति के लिए तत्परता बरती जा सके।

भारत मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात अर्नब के पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी में एक अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है, जिसके बाद यह 28 अक्टूबर को बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश और यानम के तटों को पार करेगा। इस दौरान हवा की गति 115-125 किमी प्रति घंटा रहेगी और 140 किमी प्रति घंटा तक के झोंके आ सकते हैं।

--आईएएनएस

एमएस/