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ओडिशा क्राइम ब्रांच ने ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी मामले में दिल्ली के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया

 

भुवनेश्वर, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। ओडिशा पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए एक व्यवसायी से 2.06 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने के मामले में दिल्ली के 56 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।

आरोपी की पहचान पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके के निवासी विनय कुमार शर्मा के रूप में हुई है। वह राष्ट्रीय राजधानी में एक इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान चलाता है। शर्मा को ट्रांजिट रिमांड पर ओडिशा लाया जा रहा है और शुक्रवार को भुवनेश्वर की एसडीजेएम अदालत में पेश किया जाएगा।

क्राइम ब्रांच सूत्रों के अनुसार, भुवनेश्वर के कारोबारी से धोखेबाजों ने सबसे पहले 23 दिसंबर, 2024 को व्हाट्सएप के जरिए संपर्क किया और बाद में उन्हें एक ग्रुप में जोड़ दिया।

धोखेबाजों ने खुद को वित्तीय विशेषज्ञ बताकर कारोबारी को एक प्रतिष्ठित कंपनी का फंड मैनेजर बताकर ऊंचे मुनाफे का लालच दिया। उनका भरोसा जीतने के लिए साइबर अपराधियों ने ग्रुप में नियमित रूप से शेयर बाजार के मुफ्त टिप्स और निफ्टी का दैनिक तकनीकी विश्लेषण साझा किया।

क्राइम ब्रांच ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि धोखाधड़ी करने वालों के निर्देशों का पालन करते हुए शिकायतकर्ता ने उनके बताए गए वादों को सच मानकर 23 दिसंबर, 2024 से 24 मार्च, 2025 के बीच अपने तीन अलग-अलग बैंक खातों से पांच अलग-अलग लाभार्थी खातों में 54 लेन-देन के माध्यम से कुल 2,06,07,500 रुपए की राशि हस्तांतरित कर दी।

इसमें आगे कहा गया है कि जब पीड़ित ने वादा किए गए निवेश लाभ को निकालने की कोशिश की, तो “रिस्क कंट्रोल टीम” बनकर धोखाधड़ी करने वालों ने विभिन्न झूठे बहाने बनाकर बार-बार धनराशि जारी करने से इनकार कर दिया।

सुनियोजित साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने का एहसास होने पर, व्यवसायी ने 28 मार्च, 2025 को क्राइम ब्रांच के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई।

धन के लेन-देन और अन्य सबूतों के आधार पर क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने 22 अप्रैल की रात को दिल्ली में शर्मा को गिरफ्तार किया। संदेह है कि उसने धोखाधड़ी की गई राशि का एक बड़ा हिस्सा प्राप्त किया था।

गौरतलब है कि इस मामले में एक अन्य आरोपी को क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने इसी साल फरवरी में बिहार से गिरफ्तार किया था।

--आईएएनएस

एमएस/