×

अब पंजाब में छह मिनट में पहुंचेगी पुलिस सहायता: मुख्यमंत्री भगवंत मान

 

संगरूर, 31 मार्च (आईएएनएस)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को घोषणा की कि अब राज्य में पुलिस सहायता सिर्फ छह मिनट के भीतर उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित क्षेत्रों के बराबर होगी। मुख्यमंत्री ने संगरूर में 508 इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे पूरे राज्य में जमीनी स्तर पर पुलिस व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 508 इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल्स को हरी झंडी दिखाने के बाद कहा कि ये वाहन आधुनिक तकनीक से लैस हैं और डायल 112 के तहत राज्य के सभी 28 पुलिस जिलों में तैनात किए जाएंगे। इससे आपात स्थिति में लोगों को तुरंत पुलिस सहायता मिल सकेगी और तकनीक आधारित पुलिसिंग को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में पुलिस वाहनों पर 327.70 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है। इससे कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और ड्रग तस्करों पर भी सख्ती बढ़ी है। बेहतर सुरक्षा माहौल के कारण निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है, जिसका उदाहरण पंजाब में टाटा स्टील के दूसरे सबसे बड़े प्लांट की स्थापना है।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मान ने लोगों से अपील की कि ड्रग्स के धंधे में शामिल लोगों का सामाजिक बहिष्कार किया जाए। उन्होंने कहा, "जो लोग पीढ़ियों को बर्बाद कर रहे हैं, उनके साथ कोई नरमी नहीं होनी चाहिए। सामाजिक बहिष्कार से पंजाब को नशामुक्त बनाने में मदद मिलेगी।"

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने पहले ही ड्रग तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है और ऐसे मामलों में सजा की दर 87 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो अन्य राज्यों से ज्यादा है। 'युद्ध नशे विरुद्ध' अभियान को उन्होंने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई बताते हुए कहा कि इससे ड्रग नेटवर्क की कमर टूट गई है, सप्लाई चेन खत्म हुई है और बड़े तस्करों को जेल भेजा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान को जन आंदोलन बनाने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की गई है, जिसमें लोगों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के विपरीत, आम आदमी पार्टी की सरकार ने तस्करों को बढ़ावा देने के बजाय उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं।

‘ड्रग आतंकवाद’ को चुनौती देते हुए मान ने कहा कि पंजाब पुलिस सीमा पार से होने वाली तस्करी पर नजर रख रही है और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने प्रशासनिक सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि पहली बार निचले स्तर से सुधार की शुरुआत की गई है और अब सिर्फ वरिष्ठ अधिकारियों ही नहीं, बल्कि थानों के प्रभारी को भी वाहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य में कानून-व्यवस्था का सबसे बड़ा पैमाना वहां होने वाला निवेश होता है, और टाटा स्टील का पंजाब में दूसरा सबसे बड़ा प्लांट स्थापित होना इस बात का प्रमाण है कि राज्य में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।

--आईएएनएस

एएमटी/एमएस