अब आरक्षण की जरूरत नहीं, सभी को मिले सामान्य दर्जा: मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी
बरेली, 18 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में आरक्षण को लेकर जारी बहस के बीच ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने शुक्रवार को कहा कि अब देश में आरक्षण की जरूरत नहीं है।
बरेलवी ने कहा कि पहले के मुकाबले लोगों की आर्थिक स्थिति में काफी बदलाव आया है और इसी वजह से अब आरक्षण की आवश्यकता नहीं रह गई है।
उन्होंने कहा, "लोगों के हालात काफी हद तक बदल चुके हैं। जिन लोगों के मकान पहले खपरैल या छप्पर के हुआ करते थे, वे अब पक्के मकानों में रह रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "पहले जिन लोगों के लिए साइकिल खरीदना भी मुश्किल था, आज उनके घरों में दो-तीन मोटरसाइकिल और चार पहिया वाहन हैं। आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक स्थिति में काफी बदलाव आया है, इसलिए अब किसी भी वर्ग को आरक्षण की जरूरत नहीं है। सभी को सामान्य दर्जा दिया जाना चाहिए, ताकि किसी तरह का भेदभाव न हो।"
महाराष्ट्र में आरक्षण को लेकर होने वाले आंदोलनों का जिक्र करते हुए बरेलवी ने कहा कि अलग-अलग समुदाय अपने लिए आरक्षण की मांग कर रहे हैं और इसे लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन भी होते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आरक्षण के लिए होने वाले आंदोलनों से सरकारों पर दबाव पड़ता है, इसलिए अब इस स्थिति पर विचार करने की जरूरत है।
बरेलवी ने कहा, "मैंने देखा है कि पिछले दो-तीन दशकों में देश ने काफी प्रगति की है, इसलिए अब आरक्षण के मुद्दे का समाधान कर इसे समाप्त किया जाना चाहिए।"
इससे पहले मराठा आरक्षण में ओबीसी कोटे को लेकर कांग्रेस की चिंताओं पर भाजपा विधायक राम कदम ने कहा कि महाराष्ट्र का मराठा समुदाय जानता है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ही पहली बार आरक्षण दिया था।
राम कदम ने कहा, "13 मांगों में से 12 मांगें पूरी की गई हैं। 13वीं मांग अदालत के अधिकार क्षेत्र में आती है और वह अदालत में टिक नहीं पाएगी, इसलिए दूसरे लोग क्या कह रहे हैं, यह महत्वपूर्ण नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि महाराष्ट्र के लोग समझते हैं कि मौजूदा राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है।"
--आईएएनएस
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