×

उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन ने नेपाल में आई जानलेवा बाढ़ पर संवेदना व्यक्त की

 

सियोल, 28 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन ने शुक्रवार को हिमालयी क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ को लेकर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और नेपाल के राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल को सहानुभूति संदेश भेजे।

योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, विदेशी मीडिया की खबरों में बताया गया है कि बुधवार को चीन से सटे हिमालयी इलाके में भारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद शुक्रवार तक चीन और नेपाल में 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और 1,500 से ज्यादा लोग लापता हैं।

कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने बताया कि शी को भेजे अपने संदेश में किम ने चीनी नेता, उनकी पार्टी और सरकार, वहां के लोगों, पीड़ितों और शोक संतप्त परिवारों के प्रति 'गहरी संवेदना' व्यक्त की। साथ ही, उन्होंने उम्मीद जताई कि आपदा के बाद की स्थिति जल्द से जल्द सामान्य हो जाएगी और प्रभावित इलाकों के लोग फिर से शांति और स्थिरता पा सकेंगे।

केसीएनए ने एक अलग खबर में बताया कि पौडेल को भेजे संदेश में किम ने नेपाल सरकार और वहां के लोगों के साथ-साथ पीड़ितों और शोक संतप्त परिवारों के प्रति 'सच्ची संवेदना और सहानुभूति' व्यक्त की। यह संदेश लोगों की मौत और लापता होने की घटनाओं के संदर्भ में था।

इस बीच, शुक्रवार को नेपाली अधिकारियों ने एक और बाढ़ के खतरे को लेकर नई चेतावनी जारी की। उन्होंने बताया कि उन्हें चीन के तिब्बती इलाके में एक झील के फटने की रिपोर्ट मिली है, जिससे नेपाल में फिर से बाढ़ आ सकती है।

नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) ने शुक्रवार को एक नोटिस में कहा, "जानकारी मिली है कि शुक्रवार को रसुवा में भोटे कोशी नदी के उसी इलाके में मलबे और कीचड़ के साथ पानी का बहाव फिर से बढ़ गया है, जहां 26 अगस्त को बड़ी बाढ़ आई थी।"

नोटिस में कहा गया, "चूंकि एक और बाढ़ का खतरा है, इसलिए भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों के किनारे बचाव और राहत कार्यों में लगे सभी कर्मियों और विभिन्न कारणों से ज्यादा जोखिम वाले इलाकों में मौजूद लोगों से पुरजोर अपील की जाती है कि वे पूरी सावधानी बरतें और कोई भी खतरा दिखने पर तुरंत सुरक्षित जगह पर चले जाएं।"

नेपाल पुलिस ने भी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि उन्हें तिब्बती इलाके में झील फटने की रिपोर्ट मिली है। पुलिस ने लोगों और बचाव कार्यों में लगे लोगों से खतरे को लेकर सतर्क रहने की अपील की।

--आईएएनएस

एससीएच/डीएससी