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अहमदाबाद में फर्जी केचप बनाने का खुलासा, 2,000 किलो उत्पाद जब्त

 

अहमदाबाद, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने बहरामपुरा इलाके में एक फूड मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को सील कर दिया है। यह यूनिट बिना टमाटर का इस्तेमाल किए, टमाटर केचप जैसा दिखने वाला एक खाद्य उत्पाद बना रही थी। निगम ने लगभग 2,000 किलो तैयार उत्पाद और कच्चे माल को जब्त कर लिया है।

एएमसी के खाद्य सुरक्षा विभाग ने 'एमजेएफ फूड' के खिलाफ कार्रवाई की है। यह कंपनी "टेस्टी स्नैक टच अप" नाम से उत्पाद बेचती है। जांच के दौरान कंपनी की निर्माण प्रक्रिया, लेबलिंग और दस्तावेजों में कई कमियां पाई गईं।

विभाग के अनुसार, इस उत्पाद को बनाने में आलू के फ्लेक्स और कॉर्न फ्लोर का इस्तेमाल किया गया था। इसके साथ ही इसमें चीनी, नमक, रंग, एसिटिक एसिड, प्रिजर्वेटिव्स और स्टेबलाइजर्स भी मिलाए गए थे। उत्पाद को बनाने के किसी भी चरण में टमाटर का इस्तेमाल नहीं किया गया था, जबकि देखने और बनावट (टेक्सचर) में यह बिल्कुल टमाटर केचप जैसा लगता था।

विभाग ने बताया कि वे इस उत्पाद की प्रस्तुति और लेबलिंग की जांच कर रहे हैं, क्योंकि उपभोक्ता इसे टमाटर से बना उत्पाद समझकर धोखा खा सकते हैं।

यह उत्पाद 5 किलो के पैक में 100 रुपए में बेचा जा रहा था। जांच के दौरान यूनिट के एफएसएसएआई रजिस्ट्रेशन विवरण पर भी सवाल उठे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि परिसर में रजिस्ट्रेशन नंबर 2072605400039 प्रदर्शित था, जिसमें 'एमजेएफ फूड'का विवरण दिया गया था। इसका पता सर्वे नंबर 141/142/143, प्लॉट नंबर 150 (भाग), सब-प्लॉट नंबर 20, लकी एस्टेट, पिराना सीवेज फार्म रोड, बेहरामपुरा, अहमदाबाद बताया गया था।

विभाग ने कहा कि परिसर में प्रदर्शित विवरण और व्यावसायिक इकाई से संबंधित जानकारी में कुछ विसंगतियां पाई गईं, जिसके चलते मामले की और अधिक जांच-पड़ताल की जा रही है।

उत्पाद के लेबल पर पानी, सब्जियों का गूदा (10 प्रतिशत), स्टेबिलाइजिंग एजेंट (आईएनएस-1422 और आईएनएस-415), आयोडीन युक्त नमक, एसिडिटी रेगुलेटर (आईएनएस-260), लाल मिर्च पाउडर, मसाले और अन्य सामग्री का उल्लेख था।

यह इकाई लेबल पर दी गई सामग्री और निर्माण प्रक्रिया में उनके वास्तविक उपयोग की पुष्टि करने के लिए, मांगे गए खरीद बिल पेश करने में विफल रही।

निरीक्षण के बाद विभाग ने इकाई को सील कर दिया और लगभग 2,000 किलोग्राम तैयार उत्पादों, आलू के पाउडर तथा अन्य कच्चे माल को जब्त कर लिया, जिससे उनकी बिक्री और वितरण पर रोक लग गई। प्रयोगशाला में जांच के लिए सॉस का एक नमूना लिया गया।

विभाग ने कहा, "प्रयोगशाला विश्लेषण रिपोर्ट और आगे की जांच के नतीजों के आधार पर अगली कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"

खाद्य सुरक्षा विभाग ने फिर से स्पष्ट किया है कि खाद्य व्यवसाय संचालकों के पास वैध एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीकरण होना चाहिए, उन्हें संबंधित विवरण सही ढंग से प्रदर्शित करने चाहिए, खरीद बिल और अन्य आवश्यक रिकॉर्ड रखने चाहिए और उत्पादों के लेबल पर सटीक जानकारी देनी चाहिए।

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी