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जब तक कमर्शियल जहाजों पर हमले जारी रहेंगे, ईरान के साथ बातचीत संभव नहीं : जेडी वेंस

 

वॉशिंगटन, 4 सितंबर (आईएएनएस)। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि जब तक ईरान वाणिज्यिक जहाजों पर हमले बंद नहीं करता, तब तक अमेरिका उसके साथ कोई बातचीत नहीं करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा और ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम को फिर से खड़ा करने से रोकने के लिए वॉशिंगटन आर्थिक, सैन्य, कूटनीतिक और गुप्त दबाव के उपायों का इस्तेमाल कर सकता है।

व्हाइट हाउस में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान वेंस ने कहा, "राष्ट्रपति ने साफ कहा है कि हम उनसे बात नहीं कर रहे हैं और तब तक बात नहीं करेंगे, जब तक वे वाणिज्यिक जहाजों पर गोलीबारी बंद नहीं करते।"

उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने अभियानों को समाप्त करने के लिए कोई तय समयसीमा नहीं रखेगा, क्योंकि यह इस बात पर निर्भर करेगा कि ईरान होर्मुज स्‍ट्रेट में कैसा व्यवहार करता है। वेंस ने कहा, "हम कोई समयसीमा तय नहीं करेंगे।"

उनका कहना था कि जब तक ईरान तेल और गैस ले जाने वाले जहाजों को धमकाता रहेगा, तब तक किसी समयसीमा का खुलासा करना गैर-जिम्मेदाराना होगा।

वेंस ने इस स्थिति को जारी युद्ध बताने वाली बातों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने की सैन्य कार्रवाई अब नहीं हो रही है और फिलहाल अमेरिका का मुख्य उद्देश्य होर्मुज स्‍ट्रेट के जरिए ऊर्जा आपूर्ति को सुचारु बनाए रखना है।

उन्होंने कहा क‍ि ईरान चाहता है कि होर्मुज स्‍ट्रेट से एक भी बैरल तेल बाहर न जाए। लेकिन कल रात 1.5 करोड़ बैरल तेल वहां से निकला। यह अमेरिका की वजह से संभव हुआ। वेंस ने कहा कि दुनिया में ऊर्जा संकट न आने का एक बड़ा कारण यह है कि अमेरिका वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि फिलहाल कोई दूसरा देश यह भूमिका निभाने में सक्षम नहीं है।

उपराष्ट्रपति ने यह बताने से इनकार कर दिया कि क्या अमेरिकी प्रशासन ईरानी असंतुष्ट समूहों को हथियार देने पर विचार कर रहा है। हालांकि उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास कई विकल्प मौजूद हैं।

वेंस ने कहा क‍ि हर विकल्प खुला है। आर्थिक दबाव, सैन्य दबाव, कूटनीतिक दबाव और गुप्त दबाव, सभी विकल्प मेज पर हैं।

उन्होंने कहा कि चीन ने ईरान से जुड़े कुछ अमेरिकी अनुरोधों पर प्रतिक्रिया दी है। हालांकि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि क्या राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को मिलने वाली वित्तीय सेवाओं पर रोक लगाने के मुद्दे पर सीधे चीनी राष्ट्रपति शी चिनप‍िंग से बात की है।

वेंस ने कहा, "मेरा मानना है कि चीन (पीआरसी) इस मामले में सहयोग करने को तैयार है। मैं यह नहीं कह रहा कि उन्होंने हमारी हर मांग मान ली है, लेकिन उन्होंने ईरान की तुलना में कहीं अधिक जिम्मेदाराना रवैया दिखाया है।"

उन्होंने बताया कि तुर्किये, अजरबैजान, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और कतर भी ईरान पर दबाव बढ़ाने में मदद कर रहे हैं। कुछ देश सार्वजनिक रूप से इसका उल्लेख नहीं कर रहे, लेकिन निजी तौर पर सहयोग कर रहे हैं।

वेंस के अनुसार, इस दबाव अभियान के दो मुख्य उद्देश्य हैं। पहला, वाणिज्यिक जहाजरानी की सुरक्षा करना और दूसरा, ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम को फिर से शुरू करने के लिए जरूरी संसाधन हासिल करने से रोकना।

उन्होंने कहा, "अब तक हमने उन्हें ऐसा करने की कोशिश करते नहीं देखा है, लेकिन उनकी यूरेनियम संवर्धन क्षमता को नष्ट करने के बाद हमारा एक उद्देश्य यह भी है कि वे उसे दोबारा खड़ा न कर सकें।"

--आईएएनएस

एवाई/पीएम