ट्विशा केस: ‘न्याय की कोई उम्मीद नहीं’, पिता बोले- शव लेने का दबाव बना रही पुलिस
भोपाल, 20 मई (आईएएनएस)। ट्विशा शर्मा के पिता नवनीधि शर्मा ने बुधवार को कहा कि परिवार को भोपाल प्रशासन, पुलिस और न्यायपालिका से न्याय मिलने की अब कोई उम्मीद नहीं बची है। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर देरी की गई, ताकि शव सड़ जाए।
नवनीधि शर्मा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “इन लोगों (आरोपियों) ने अपने मकसद में सफलता हासिल कर ली है। हमें डर था कि दूसरे पोस्टमार्टम की अनुमति देने में जानबूझकर देरी की जा रही है, ताकि शव सड़ जाए, और वही हुआ।”
दरअसल, भोपाल के कटारा हिल्स पुलिस थाने ने बुधवार को शर्मा परिवार को पत्र लिखकर ट्विशा के पार्थिव शरीर को एम्स भोपाल से ले जाने का आग्रह किया। पुलिस ने बताया कि एम्स भोपाल ने कहा है कि शव को सुरक्षित रखने के लिए माइनस 80 डिग्री सेल्सियस तापमान की जरूरत है, लेकिन अस्पताल में ऐसी सुविधा उपलब्ध नहीं है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्विशा के पिता ने कहा, “वे शव को सड़ाने में सफल हो गए। आज भोपाल प्रशासन ने भी कह दिया कि वे अब शव को सुरक्षित रखने में सक्षम नहीं हैं। यह हमारे साथ यातना जैसा व्यवहार है। हमें मजबूर किया जा रहा है कि हम शव को ले जाएं।”
उन्होंने इसे “न्याय व्यवस्था पर काला धब्बा” बताते हुए कहा, “जानबूझकर लंबी न्यायिक प्रक्रिया चलाई गई, ताकि शव सड़ जाए। किसी ने भी स्वत: संज्ञान नहीं लिया। हमें एक अदालत से दूसरी अदालत तक भटकाया गया, जिससे गिरीबाला सिंह अपना उद्देश्य हासिल कर सकें, और आखिरकार वही हुआ।”
नवनीधि शर्मा ने कहा कि परिवार दिल्ली में पोस्टमार्टम इसलिए कराना चाहता था, ताकि यह किसी राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान में हो सके।
उन्होंने आरोप लगाया कि भोपाल पुलिस, प्रशासन और न्यायिक व्यवस्था से परिवार को कोई सहयोग नहीं मिला। उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है कि न्यायाधीश आरोपी पक्ष का पूरा सहयोग कर रहे हैं। अब हमें भोपाल से न्याय मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।”
परिवार लगातार यह मांग कर रहा है कि मध्य प्रदेश से बाहर किसी प्रमुख राष्ट्रीय संस्थान से स्वतंत्र मेडिकल राय ली जाए, ताकि जांच प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा कायम हो सके।
गौरतलब है कि ट्विशा का पोस्टमार्टम 13 मई को एम्स भोपाल में हुआ था और तब से शव अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है।
परिवार ने दूसरे पोस्टमार्टम की मांग पूरी होने तक शव लेने से इनकार कर दिया है। इसी संबंध में मंगलवार को परिवार ने भोपाल की मजिस्ट्रेट अदालत में आवेदन दायर कर एम्स दिल्ली में दूसरा पोस्टमार्टम कराने की मांग की थी। मामले में परिवार की दलीलें पूरी हो चुकी हैं और बुधवार तक अदालत के आदेश का इंतजार किया जा रहा था।
--आईएएनएस
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