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सरकारी अस्पतालों में ब्लड टेस्ट के लिए पैसे नहीं, दवाओं की कमी : आर. अशोक

 

बेंगलुरु, 6 नवंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता आर. अशोक ने शुक्रवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने राज्य को आर्थिक दिवालियापन की ओर धकेल दिया है और गरीबों की स्वास्थ्य जरूरतों की अनदेखी कर रही है।

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर को संबोधित करते हुए अशोक ने सवाल किया कि क्या सरकार ने राज्य को ऐसी स्थिति में ला दिया है कि सरकारी अस्पतालों में बुनियादी ब्लड टेस्ट के लिए भी पैसे नहीं हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पताल, जो गरीबों के लिए जीवनरेखा होने चाहिए, फंड की कमी से जूझ रहे हैं और मरीजों को निजी लैब और मेडिकल स्टोर जाने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

आर. अशोक ने आरोप लगाया कि अस्पतालों में उपकरण तो हैं, लेकिन ब्लड टेस्ट के लिए फंड नहीं है। उन्होंने दावा किया कि लैब बंद की जा रही हैं और गरीब मरीजों को निजी लैब की ओर धकेला जा रहा है, जो कमीशन आधारित रैकेट का हिस्सा है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में खांसी की गोलियों और पैरासिटामोल सहित बुनियादी दवाओं की कमी है, जिससे गरीब मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर पर हजारों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।

आर. अशोक ने सवाल किया, "इसके लिए जिम्मेदार कौन है? किसे जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए?"

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास गरीब मरीजों के ब्लड टेस्ट या गर्भवती महिलाओं के स्कैन के लिए फंड नहीं है और निजी लैब को फायदा पहुंचाते हुए सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा की उपेक्षा की जा रही है।

सरकारी अस्पतालों में फंड की कमी की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए अशोक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार गरीबों का खून निचोड़ रही है और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को आर्थिक संकट की स्थिति में पहुंचा दिया है।

उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने राज्य के खजाने को पूरी तरह लूट लिया है, सरकार को दिवालियापन की ओर धकेल दिया है और पूरे प्रशासनिक तंत्र को नष्ट कर दिया है। उसे शर्म आनी चाहिए।"

सरकार पर एक अलग हमले में आर. अशोक ने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के तहत 45 शोध छात्रों की फेलोशिप का फंड पिछले 11 महीनों से जारी नहीं किया गया है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्र कर्ज और परेशानियों में फंस गए हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुप्रबंधन के कारण छात्र, किसान और परिवहन कर्मचारी सभी मुश्किल में फंस गए हैं।

राज्य के वित्तीय संकट के उदाहरण बताते हुए आर. अशोक ने आरोप लगाया कि सरकार के पास गृह लक्ष्मी योजना के लाभार्थियों को भुगतान करने, परिवहन निगमों और बिजली आपूर्ति कंपनियों के बकाया चुकाने, किसानों को सूखा राहत देने, सरकारी बसों के लिए डीजल खरीदने या शोध छात्रों की फेलोशिप जारी करने के लिए फंड नहीं है।

आर. अशोक ने मुख्यमंत्री से राज्य की वित्तीय स्थिति पर सवाल किया और पूछा कि अगर सरकार के पास विभिन्न क्षेत्रों में विकास और गरीब छात्रों के भविष्य के लिए फंड नहीं है, तो बढ़े हुए टैक्स और मूल्य वृद्धि के जरिए इकट्ठा किए गए करोड़ों रुपये कहां गए।

उन्होंने आरोप लगाया, "सरकार ने गरीबों पर कड़ा प्रहार किया है और राज्य को पूर्ण वित्तीय संकट में धकेल दिया है। उसे सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।" उन्होंने सरकार से कर्नाटक की जनता से माफी मांगने और इस्तीफा देने की मांग की।

आर. अशोक ने कहा कि कांग्रेस के दिन गिने जा चुके हैं और आरोप लगाया कि उसका वित्तीय कुप्रबंधन और गरीबों की उपेक्षा ही उसके पतन का कारण बनेगी।

--आईएएनएस

वीकेयू/एएस