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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने तिरुवरूर बाईपास और अतिरिक्त आरओबी के लिए 1,427.61 करोड़ रुपए मंजूर किए

 

नई दिल्ली, 26 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने तमिलनाडु में एनएच-83 के नागपट्टिनम-तंजावुर खंड पर 4-लेन तिरुवरूर बाईपास के निर्माण के लिए 1,427.61 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। यह जानकारी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा मंगलवार को दी गई।

मंत्रालय ने बताया कि यह परियोजना 14.9 किलोमीटर लंबी है और इसमें एनएच-129ए और एनएच-134ए पर दो अतिरिक्त रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) का निर्माण भी शामिल है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया कि तमिलनाडु में, हमने एनएच-83 के नागपट्टिनम-तंजावुर खंड पर 14.9 किलोमीटर लंबे 4-लेन तिरुवरूर बाईपास के निर्माण के साथ ही एनएच-129ए और एनएच-134ए पर 2 अतिरिक्त आरओबी (रोडिंग लाइन) के निर्माण के लिए 1,427.61 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है।

यह रणनीतिक परियोजना तिरुचिरापल्ली और कोयंबटूर जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों को कराईकल और नागपट्टिनम जैसे बंदरगाह शहरों से जोड़ने में सहायक होगी, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

मंत्रालय ने बयान में कहा कि आदियाक्कमंगलम-तंडलाई से शुरू होने वाला बाईपास, अतिपुलियूर, अंडीपलायम, किदारमकोंडान, पल्लीवरमंगलम, पेरुम्पुगलुर, इलावंगारकुडी और अनाइवादपति कॉलोनी सहित प्रमुख स्थानों से होकर गुजरेगा।

इस परियोजना के पूरा हो जाने पर, यह तिरुवरूर शहर में भीड़भाड़ को काफी हद तक कम कर देगा, यात्रा के समय को लगभग 15 मिनट तक घटा देगा और घनी आबादी वाले और वाणिज्यिक क्षेत्रों से यातायात को परिवर्तित कर सड़क सुरक्षा को बढ़ाएगा।

बयान में आगे कहा गया कि यह मार्ग मार्ग एसएच-23, एसएच -65 और पूजनीय त्यागराज स्वामी मंदिर से बेहतर संपर्क स्थापित करने में भी सहायक होगा, जिससे क्षेत्र में इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास और यात्रा में सुगमता दोनों में योगदान मिलेगा।

इसके अतिरिक्त, केंद्रीय मंत्री गडकरी ने पंजाब में 4,335 किलोमीटर और दिल्ली और हरियाणा में 3,332 किलोमीटर की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की गुणवत्ता और रखरखाव की प्रगति की समीक्षा की।

नई दिल्ली में आयोजित समीक्षा बैठक में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा और हर्ष मल्होत्रा तथा सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों और परियोजना ठेकेदारों ने भाग लिया।

--आईएएनएस

एबीएस/