नालागढ़ पुलिस स्टेशन ब्लास्ट केस में एनआईए की बड़ी कार्रवाई, दो और आरोपी गिरफ्तार
नई दिल्ली, 25 सितंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस साल 1 जनवरी को हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस स्टेशन में हुए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) विस्फोट के सिलसिले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक आधिकारिक बयान में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई।
विस्फोट सुबह करीब 9.40 बजे नालागढ़ पुलिस स्टेशन परिसर में जांच अधिकारी के कमरे से सटी बाहरी दीवार के पास हुआ।
विस्फोट के बाद नालागढ़ पुलिस स्टेशन में एफआईआर संख्या 02/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
एनआईए ने बाद में जांच अपने हाथ में ले ली और 8 मई को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामले को आरसी-27/2026/एनआईए/डीएलआई के रूप में पुनः दर्ज किया।
जांच के दौरान, हरमन हैरी और जशन सैनी नामक दो आरोपियों की संलिप्तता सामने आई। विस्फोट के पीछे की साजिश की जांच और हमले से जुड़े व्यापक नेटवर्क का पर्दाफाश करने के प्रयासों के तहत एनआईए ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
इन गिरफ्तारियों से पहले, एजेंसी ने इस मामले में छह अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें महावीर कुमार उर्फ काका, अजय मेहरा, मनप्रीत सिंह उर्फ मणि, अर्शदीप सिंह कंधोला उर्फ अर्श कंधोला, करणप्रीत सिंह और दिलजोत सिंह सैनी के नाम शामिल हैं।
एनआईए के अनुसार, इन छह आरोपियों को पहले पंजाब पुलिस ने एसएसओसी, एसएएस नगर (मोहाली) पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर संख्या 02/2026 और गढ़शंकर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर संख्या 11/2026 के संबंध में गिरफ्तार किया था। बाद में एनआईए ने उन्हें नालागढ़ विस्फोट मामले के संबंध में हिरासत में ले लिया।
हैरी और जशन सैनी की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में एनआईए द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की कुल संख्या आठ हो गई है।
एजेंसी ने कहा कि आरोपियों की विशिष्ट भूमिकाओं का पता लगाने, साजिशकर्ताओं के बीच संबंध स्थापित करने, इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान करने और आईईडी विस्फोट के पीछे की आपराधिक साजिश की पूरी सीमा निर्धारित करने के लिए जांच जारी है।
--आईएएनएस
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