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एनएफआर पूर्वोत्तर में बुनियादी ढांचे के विकास और यात्री सुविधाओं को बढ़ावा दे रहा

 

गुवाहाटी, 30 सितंबर (आईएएनएस)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में रेलवे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, यात्री सुविधाओं में सुधार करने और परिचालन दक्षता बढ़ाने के प्रयासों को तेज कर दिया है।

एनएफआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) कपिनजल किशोर शर्मा ने कहा कि वरिष्ठ रेलवे अधिकारी प्रगति की निगरानी करने, ध्यान देने योग्य क्षेत्रों की पहचान करने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि रेलवे बुनियादी ढांचे और यात्री सुविधाओं को वांछित मानकों के अनुसार बनाए रखा जाए, विभिन्न सुविधाओं और चल रहे विकास कार्यों का नियमित रूप से निरीक्षण कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि एनएफआर के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने क्षेत्र में रेलवे अवसंरचना और यात्री सुविधाओं की समीक्षा के तहत मिजोरम के सैरांग रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। उनके साथ मुख्यालय और लुमडिंग डिवीजन के वरिष्ठ अधिकारी भी थे।

निरीक्षण के दौरान, महाप्रबंधक ने सैरांग रेलवे स्टेशन के समग्र कामकाज और विकास की समीक्षा की, जिसमें विशेष रूप से यात्री सुविधाओं, परिचालन दक्षता, सुरक्षा व्यवस्था और स्टेशन के बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित किया गया। उन्होंने विभिन्न यात्री सुविधाओं का निरीक्षण किया और यात्रियों की सुविधा और सुगम आवागमन के लिए किए जा रहे प्रबंधों की समीक्षा की।

संबंधित अधिकारियों ने स्टेशन पर मौजूदा सुविधाओं, परिचालन पहलुओं और चल रहे या प्रस्तावित विकास कार्यों के बारे में महाप्रबंधक को जानकारी दी।

श्रीवास्तव ने संबंधित अधिकारियों को स्वच्छता और यात्रियों की सुविधा के उच्च मानकों को बनाए रखने और उपलब्ध सुविधाओं के उचित रखरखाव को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। महाप्रबंधक ने स्टेशन की परिचालन तैयारियों की समीक्षा की और उच्च स्तर की विश्वसनीयता और सेवा गुणवत्ता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।

निरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत, महाप्रबंधक ने दक्षिणी असम में सैरांग से बैराबी तक खिड़की-पथ निरीक्षण भी किया।

निरीक्षण के दौरान, उन्होंने ट्रैक और रेलवे बुनियादी ढांचे की स्थिति, विद्युतीकरण कार्यों की प्रगति, नवस्थापित सुविधाओं और खंड के साथ चल रहे अन्य विकास कार्यों की समीक्षा की। निरीक्षण से यात्रियों के लिए सुविधाओं और स्टेशन के बुनियादी ढांचे में और सुधार की गुंजाइश का आकलन करने का अवसर भी मिला, जो मिजोरम की सेवा करने वाले एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन के रूप में सैरांग के बढ़ते महत्व को दर्शाता है।

महाप्रबंधक ने अधिकारियों को सलाह दी कि वे रेलवे संपत्तियों के प्रभावी उपयोग और रखरखाव को सुनिश्चित करते हुए यात्रियों के लिए सुरक्षित, कुशल और आरामदायक यात्रा अनुभव प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करें। 13 सितंबर, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 51.38 किलोमीटर लंबी बैराबी-सैरांग नई रेलवे लाइन का उद्घाटन किया, जिससे भारत के रेलवे मानचित्र पर पहली बार आइजोल का नाम दर्ज हुआ।

--आईएएनएस

एसएके/एमएस