त्रिपुरा-बांग्लादेश के बीच यात्री ट्रेन की सुविधा जल्द, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने तेज किए प्रयास
गुवाहाटी/अगरतला, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के महाप्रबंधक (निर्माण) आशीष बंसल ने शनिवार को रेलवे अधिकारियों को त्रिपुरा और बांग्लादेश के बीच यात्री रेल सेवा शीघ्र शुरू करने के लिए लंबित कार्यों को पूरा करने में तेजी लाने के निर्देश दिए।
12.24 किमी लंबी अगरतला-अखाउरा रेलवे लाइन (भारत में 5.46 और बांग्लादेश में 6.78 किमी) पश्चिमी त्रिपुरा के निश्चिंतपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय आव्रजन स्टेशन के माध्यम से अखाउरा से जुड़ी हुई है।
एनएफआर द्वारा कार्यान्वित की जा रही अगरतला-अखाउरा (बांग्लादेश) रेल लिंक परियोजना भी पूरी होने के करीब है। इससे पूर्वोत्तर राज्यों और बांग्लादेश के बीच रेल संपर्क में सुधार होने की उम्मीद है।
एनएफआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) कपिंजल किशोर शर्मा ने त्रिपुरा की अपनी हालिया यात्रा के दौरान अगरतला-अखाउरा सीमा पार रेलवे परियोजना का निरीक्षण किया और शेष कार्यों की स्थिति की समीक्षा करने के लिए निश्चिंतपुर रेलवे स्टेशन का दौरा किया।
उन्होंने अधिकारियों को लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए ताकि यात्री रेल सेवा जल्द से जल्द शुरू हो सके।
शर्मा ने कहा कि अगरतला-अखाउरा परियोजना भारत-बांग्लादेश के बीच एक महत्वपूर्ण सीमा पार रेल संपर्क है, जिससे क्षेत्रीय संपर्क मजबूत होने और भारत सरकार की एक्ट ईस्ट पॉलिसी को समर्थन मिलने की उम्मीद है।
बंसल ने बदरपुर (दक्षिणी असम) से अगरतला और फिर अगरतला से निश्चिंतपुर और दक्षिणी त्रिपुरा के सब्रूम तक का निरीक्षण किया। निरीक्षण बदरपुर से शुरू हुआ और पूरे मार्ग को कवर किया गया, जिसमें एनएफआर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा और चर्चाएं शामिल थीं।
निरीक्षण के दौरान, एनएफआर के महाप्रबंधक ने जारी निर्माण कार्यों और मौजूदा रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर की समीक्षा की, जिसमें पटरियां, पुल और उनसे संबंधित सुरक्षा पहलू शामिल थे।
उन्होंने विभिन्न कार्यों की प्रगति का आकलन किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए, जिनमें सुरक्षा, गुणवत्ता, समय पर कार्य पूर्णता और रेलवे संपत्तियों के उचित रखरखाव पर जोर दिया गया।
बंसल ने कुमारघाट-अगरतला खंड में रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) की स्थिति की समीक्षा की, जिनका उद्देश्य लेवल क्रॉसिंग को समाप्त करना, सड़क सुरक्षा बढ़ाना और जनता की सुविधा में सुधार करना है।
कुमारघाट-अगरतला प्रोजेक्ट के दूसरे संशोधित अनुमान के तहत कुल 23 रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 12 आरओबी के लिए ठेके दिए जा चुके हैं और उन पर काम जारी है।
अगरतला-सब्रूम खंड के निरीक्षण के दौरान बंसल ने रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को रेलवे संपत्तियों की निरंतर सुरक्षा, विश्वसनीयता और कुशल रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए।
--आईएएनएस
एएसएच/एबीएम