ऑस्ट्रेलिया में बर्ड फ्लू की दस्तक के बीच न्यूजीलैंड अलर्ट
वेलिंगटन, 20 जून (आईएएनएस)। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में एक जंगली समुद्री पक्षी में बर्ड फ्लू (एच5एन1) वायरस पाए जाने के बाद न्यूजीलैंड ने संभावित संक्रमण से निपटने के लिए अपनी तैयारियों को मजबूत कर लिया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, जैव सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा मंत्री एंड्रयू होगार्ड ने एक बयान में कहा कि कई सरकारी विभागों ने निगरानी और तैयारियों को और तेज कर दिया है।
होगार्ड ने कहा, “एच5एन1 बर्ड फ्लू का यह स्ट्रेन दुनिया भर में फैल रहा है, लेकिन न्यूजीलैंड के भौगोलिक अलगाव की स्थिति ने हमें सुरक्षा प्रदान की है और तैयारी के लिए पर्याप्त समय दिया है।”
ऑस्ट्रेलिया ने पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में एक प्रवासी समुद्री पक्षी में एच5एन1 2.3.4.4बी स्ट्रेन की पुष्टि की है। वहीं, पास में पाए गए एक विशाल समुद्री पक्षी जायंट पेट्रेल में भी संक्रमण की आशंका जताई गई है। हालांकि अब तक पोल्ट्री फार्मों में संक्रमण या पक्षियों की सामूहिक मौत की कोई घटना सामने नहीं आई है।
होगार्ड ने कहा, “हम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं।”
उन्होंने चेतावनी दी कि न्यूजीलैंड जंगली पक्षियों के माध्यम से वायरस के आगमन को पूरी तरह नहीं रोक सकता और यदि यह देशी पक्षियों की आबादी में स्थापित हो जाता है, तो इसे खत्म करना बेहद मुश्किल होगा।
मंत्री ने किसानों, घरों में मुर्गी पालन करने वालों और फिर घूमने-फिरने वाले लोगों से जैव सुरक्षा उपायों को मजबूत करने तथा बीमार या मृत पक्षियों के समूह दिखाई देने पर तुरंत सूचित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि फिलहाल खाद्य सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है और मानव स्वास्थ्य के लिए जोखिम भी कम बना हुआ है।
यह ऑस्ट्रेलियाई मुख्यभूमि में अत्यधिक रोगजनक एच5एन1 स्ट्रेन का पहला कंफर्म मामला है। यह वायरस 2020 से दुनिया के कई हिस्सों में फैल चुका है और लाखों पक्षियों तथा अन्य जानवरों की मौत का कारण बन चुका है।
गुरुवार को पास के क्षेत्र में एक दूसरा पक्षी, जायंट पेट्रेल, बीमार अवस्था में मिला था, जिसे एहतियातन क्वारंटीन में रखा गया है।
ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने पहले ही एच5एन1 के संभावित प्रकोप से निपटने की तैयारी के लिए 11.3 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (करीब 7.92 करोड़ अमेरिकी डॉलर) की धनराशि आवंटित की थी।
थ्रेटेंड स्पीशीज (संकटग्रस्त प्रजातियों के) कमिश्नर फियोना फ्रेजर ने कहा कि कुछ ही दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि यह वायरस ऑस्ट्रेलिया की किसी पक्षी आबादी में स्थायी रूप से स्थापित हुआ है या नहीं।
गौरतलब है कि इससे पहले ऑस्ट्रेलिया एकमात्र ऐसा महाद्वीप था जहां एच5एन1 बर्ड फ्लू स्ट्रेन की पुष्टि नहीं हुई थी।
यह वायरस पोल्ट्री और जंगली पक्षियों के बीच तेजी से फैल सकता है, हालांकि इंसानों में इसके मामले अभी भी अपेक्षाकृत दुर्लभ हैं।
पिछले वर्ष अक्टूबर में एच5एन1 बर्ड फ्लू का पता ऑस्ट्रेलिया के दूरस्थ क्षेत्र हर्ड और मैकडोनाल्ड द्वीपसमूह में लगाया गया था, जो दक्षिणी हिंद महासागर में स्थित हैं।
--आईएएनएस
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