दुनिया की सबसे बड़ी 'इंडिया डे परेड' में गूंजा 'विरासत में सद्भाव', दो लाख लोगों ने लिया हिस्सा
न्यूयॉर्क, 17 अगस्त (आईएएनएस)। देश की आजादी का जश्न मनाने वाले दुनिया के सबसे बड़े आयोजन 'इंडिया डे परेड' ने इस ग्लोबल शहर में प्रवासी भारतीयों के योगदान और देश की विविधतापूर्ण संस्कृति की झलक पेश की।
दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र होने की विविधता और एकता की भावना को सम्मान देते हुए रविवार की परेड का विषय "विरासत में सद्भाव" था। लगभग 2 लाख लोगों ने परेड में हिस्सा लिया या फुटपाथों पर भीड़ लगाई और मैडिसन एवेन्यू पर जश्न के रास्ते में तिरंगा लहराया।
गवर्नर कैथी होचुल परेड में सबसे आगे चलीं और कहा कि उन्हें "इस जीवंत समुदाय द्वारा न्यूयॉर्क में लाई गई समृद्ध संस्कृति का जश्न मनाने" पर गर्व है।
मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए अभिनेत्री पूजा हेगड़े और अदिवि शेष झांकियों पर सवार थे और रास्ते में मौजूद प्रशंसक उनका उत्साह बढ़ा रहे थे।
यह 'फेडरेशन ऑफ़ इंडियन एसोसिएशन्स' की ओर से हर साल आयोजित होने वाली परेड का 44वां संस्करण था। इस तरह के भारतीय आयोजन में हिस्सा लेने वालों की संख्या के लिहाज से यह दुनिया की सबसे बड़ी परेड बन गई है, जिसमें अधिकतर लोग बिना किसी खास बुलावे के खुद ही शामिल होते हैं।
आयोजक अविनाश गुप्ता ने कहा, "यह परेड हर साल बेहतर और बड़ी होती गई है। यह गर्व के साथ दिखाती है कि प्रवासी भारतीयों ने न सिर्फ न्यूयॉर्क और अमेरिका में, बल्कि पूरी दुनिया में कितना योगदान दिया है।"
उन्होंने कहा कि इस साल की परेड इसलिए भी खास थी क्योंकि यह एक ही औपनिवेशिक शासक, ब्रिटेन से आजादी मिलने की भारत की 80वीं और अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ का प्रतीक है। दोनों देशों का औपनिवेशिक शासन के खिलाफ संघर्ष का साझा इतिहास रहा है।
परेड में 36 झांकियां थीं, जो भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता के साथ-साथ भारतीय-अमेरिकी व्यवसायों, मीडिया और एनजीओ का प्रतिनिधित्व कर रही थीं।
परेड के रास्ते में डांसरों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया, जबकि न्यूयॉर्क पुलिस से लेकर स्कूलों और सांस्कृतिक संगठनों के बैंड ने वेस्टर्न मार्चिंग से लेकर भारतीय धुनों तक के संगीत से परेड में जान डाल दी। परेड के बाद संगीत और नृत्य का कार्यक्रम हुआ।
--आईएएनएस
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