'गुरु से आगे निकलने का प्रयास कभी मत करो': आप नेतृत्व से मतभेद के बीच राघव चड्ढा का पोस्ट
नई दिल्ली, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी (आप) नेतृत्व के साथ मतभेद के बीच पार्टी के पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा अपने हाल ही में किए सोशल मीडिया पोस्ट से एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। राघव चड्ढा ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर नया पोस्ट शेयर किया है। इस पोस्ट में वह अमेरिकी लेखक रॉबर्ट ग्रीन की बुक 'द 48 लॉ ऑफ पॉवर' पढ़ते हुए नजर आ रहे हैं।
राघव चड्ढा ने अपनी इस तस्वीर के कैप्शन में लिखा है कि इस हफ्ते किसी ने मुझे एक किताब उपहार में दी। कैसी अनोखी बात है कि समय का तालमेल कैसे बैठता है। इसे अनदेखा करना मुश्किल था। मैंने पहला अध्याय खोला, जिसके शीर्षक में लिखा है—'नेवर ऑउटाशाइन द मास्टर' (कभी भी अपने गुरु से आगे निकलने का प्रयास न करें)।
बुक के इस अध्याय में आगे लिखा है कि अपने गुरु को हमेशा खुद से श्रेष्ठ महसूस करवाएं और उनको खुश करने के चक्कर में अपनी प्रतिभा को हद से ज्यादा प्रदर्शित न करें, नहीं तो उसका विपरीत प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि आप यह कदम उनमें भय या असुरक्षा की भावना जाग्रत कर सकता हैं। अपने बॉस को उनकी वास्तविकता से कहीं ज्यादा योग्य और बुद्धिमान दिखाएं। यह नियम अपनाकर आप सत्ता की ऊंचाइयों को छू सकते हैं।
इस संदर्भ में, चड्ढा ने टिप्पणी की, "समय को नजरअंदाज करना मुश्किल है," और पोस्ट की एक अन्य स्लाइड में आगे कहा, "कुछ किताबें ठीक उसी समय आती हैं जब उन्हें आना होता है।"
उनकी यह टिप्पणी आम आदमी पार्टी द्वारा उन्हें राज्यसभा में उपनेता पद से हटाने के हालिया फैसले के संदर्भ में आई है। पार्टी ने यह भी संकेत दिया था कि पंजाब के सांसद को पार्टी के कोटे से उच्च सदन में बोलने का समय आवंटित नहीं किया जाएगा।
पार्टी के प्रमुख युवा चेहरों में गिने जाने वाले चड्ढा राज्यसभा के सबसे युवा सदस्यों में से हैं।
आरोपों का जवाब देते हुए चड्ढा ने सोशल मीडिया पोस्ट की एक श्रृंखला के माध्यम से इन आरोपों का पुरजोर खंडन किया है। हिंदी सिनेमा के उदाहरणों का हवाला देते हुए, उन्होंने 'घायल हूं, इसलिए घातक हूं' और 'पिक्चर अभी बाकी है' जैसे कैप्शन का इस्तेमाल करके अपना पक्ष रखा।
उन्होंने आरोपों को 'पूरी तरह से झूठा' और 'राजनीतिक रूप से प्रेरित' बताया और कहा कि उनका संसदीय रिकॉर्ड इन दावों का खंडन करता है।
--आईएएनएस
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