चंद्रनाथ रथ की हत्या के पीछे 'भतीजों का गिरोह' था: सुवेंदु अधिकारी
कोलकाता, 15 सितंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि उनके पूर्व निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के पीछे 'भतीजों का गिरोह' का हाथ था।
उनका यह सनसनीखेज बयान उस दिन आया, जब चंद्रनाथ रथ की माता हसीरानी रथ ने दक्षिण 24 परगना जिले के नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया है। चुनाव 6 अक्टूबर को होने हैं।
चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह घटना पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के ठीक दो दिन बाद हुई थी, जिसमें तृणमूल कांग्रेस को करारी हार मिली थी।
हालांकि मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन 'भतीजे-गिरोह' शब्द का प्रयोग करके उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और पार्टी के डायमंड हार्बर लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी की ओर स्पष्ट रूप से इशारा किया, जो पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे भी हैं।
मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि मुझे पुख्ता जानकारी मिली है कि चंद्रनाथ की हत्या के पीछे ‘भतीजे का गिरोह’ था। हत्या के लिए 2 करोड़ रुपए में सुपारी लेकर हत्या की गई थी। मैंने कई कॉल रिकॉर्डिंग सुनी हैं जिनसे साफ पता चलता है कि हत्या की साजिश में ‘भतीजे का गिरोह’ शामिल था।
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय वायु सेना के सेवानिवृत्त जवान चंद्रनाथ रथ की यह दुखद मौत सिर्फ इसलिए हुई क्योंकि पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता रहते हुए वह उनके प्रमुख सहयोगी थे।
मध्यमग्राम स्थित अपने घर लौटते समय चंद्रनाथ रथ पर बेहद करीब से गोली चलाई गई।
पश्चिम बंगाल पुलिस ने शुरुआती जांच शुरू की, लेकिन बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने जांच अपने हाथ में ले ली।
अब तक चंद्रनाथ की हत्या में संलिप्तता के संदेह में सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि, इस बात को लेकर अभी भी भ्रम बना हुआ है कि इसके पीछे कौन है।
--आईएएनएस
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