नीलकंठ मिश्रा होंगे विश्व बैंक में भारत के प्रतिनिधि, वैश्विक आर्थिक मंच पर निभाएंगे अहम भूमिका
नई दिल्ली, 5 जून (आईएएनएस)। एक महत्वपूर्ण निर्णय में वरिष्ठ अर्थशास्त्री नीलकंठ मिश्रा को विश्व बैंक में भारत का कार्यकारी निदेशक (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर) नियुक्त किया गया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी है। वह वॉशिंगटन डीसी स्थित विश्व बैंक मुख्यालय में तीन वर्षों के कार्यकाल के लिए यह जिम्मेदारी संभालेंगे।
नीलकंठ मिश्रा, परमेश्वरन अय्यर की जगह यह पद संभालेंगे। अय्यर का कार्यकाल तब तक बढ़ाया गया है, जब तक मिश्रा आधिकारिक रूप से पदभार ग्रहण नहीं कर लेते। मिश्रा वर्तमान में प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के अंशकालिक सदस्य भी हैं।
विश्व बैंक के बोर्ड में वह भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह बोर्ड ऋण वितरण, विकास परियोजनाओं, वित्तीय नीतियों और प्रशासनिक निर्णयों की निगरानी करता है। यह पद भारत की आर्थिक कूटनीति से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक माना जाता है, जिसमें वैश्विक विकास वित्तपोषण, बुनियादी ढांचा निवेश, गरीबी उन्मूलन और आर्थिक विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है।
नीलकंठ मिश्रा फिलहाल एक्सिस बैंक में मुख्य अर्थशास्त्री (चीफ इकोनॉमिस्ट) हैं। इसके साथ ही वह एक्सिस कैपिटल में वैश्विक शोध प्रमुख (हेड ऑफ ग्लोबल रिसर्च) और पूर्णकालिक निदेशक के रूप में भी कार्यरत हैं। उन्हें भारत के सबसे सम्मानित अर्थशास्त्रियों और बाजार रणनीतिकारों में गिना जाता है।
साल 2023 में एक्सिस समूह से जुड़ने से पहले उन्होंने लगभग दो दशक तक क्रेडिट सुइस में काम किया। वहां वह प्रबंध निदेशक, भारत रणनीतिकार और एशिया-प्रशांत क्षेत्र के इक्विटी रणनीति विभाग के सह-प्रमुख रहे थे।
नीलकंठ मिश्रा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के अंशकालिक अध्यक्ष और भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के अंशकालिक सदस्य भी हैं।
इसके अलावा, उन्होंने केंद्र सरकार की कई महत्वपूर्ण समितियों और संस्थानों को सलाह दी है। वह 15वें और 16वें वित्त आयोग के साथ भी जुड़े रहे हैं।
नीलकंठ मिश्रा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (आईआईटी कानपुर) के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने आईआईटी प्रवेश परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर चौथा स्थान हासिल किया था।
उनकी उपलब्धियों को देखते हुए आईआईटी कानपुर ने वर्ष 2020 में उन्हें "विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार" (डिस्टिंग्विश्ड एलुमनस अवॉर्ड) से सम्मानित किया था।
अपने करियर के शुरुआती दौर में नीलकंठ मिश्रा ने इंफोसिस में वरिष्ठ तकनीकी आर्किटेक्ट के रूप में भी काम किया था।
वर्षों से उन्हें लगातार भारत के शीर्ष विश्लेषकों में स्थान मिलता रहा है। आर्थिक मामलों, वित्तीय बाजारों और नीतिगत विश्लेषण में उनकी विशेषज्ञता को देश और विदेश दोनों जगह व्यापक सम्मान प्राप्त है।
--आईएएनएस
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