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जम्मू-कश्मीर: उरी में बचाव अभियान के दौरान मार्कोस का जवान गंभीर रूप से घायल

 

श्रीनगर, 17 मार्च (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में झेलम नदी में मंगलवार को एक बचाव अभियान के दौरान नौसेना का एक मरीन कमांडो (मार्कोस) गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अधिकारियों ने बताया कि बारामूला जिले के उरी इलाके में एक महिला के झेलम नदी में कूदने के बाद संयुक्त बचाव अभियान शुरू किया गया।

बताया जा रहा है कि लगमा उरी की निवासी एक अधेड़ उम्र की महिला ने चंदनवारी स्थित एक लकड़ी के पैदल पुल से नदी में छलांग लगा दी। इस घटना के बाद एसडीआरएफ बारामूला और सिविल डिफेंस यूनिट, उरी की टीमों द्वारा तत्काल तलाशी अभियान चलाया गया।

अधिकारियों ने बताया कि नौसेना की मार्कोस इकाई के कर्मियों सहित अतिरिक्त बल के साथ मंगलवार को बचाव अभियान फिर से शुरू किया गया।

अधिकारियों ने बताया, "तलाशी अभियान के दौरान मार्कोस टीम का एक जवान नदी में गिर गया और कई मिनट तक तेज धारा में बहता रहा, जिसके बाद साथी टीम के सदस्यों ने उसेनिकाला। ए.एस. बडोरिया नाम के इस कमांडो को इस घटना में गंभीर चोटें आईं। उसे तुरंत चिकित्सा उपचार के लिए बोनियार स्थित सेना अस्पताल में भर्ती कराया गया।"

एक अधिकारी ने बताया कि घायल कर्मियों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस बीच लापता महिला की तलाश के प्रयास जारी थे और बचाव दल नदी के विभिन्न हिस्सों की छानबीन कर रहे थे।

भारतीय नौसेना के विशेष बल मार्कोस की स्थापना फरवरी 1987 में हुई थी। इसका मूल नाम इंडियन मरीन स्पेशल फोर्स था, जिसे बाद में बदलकर मरीन कमांडो फोर्स कर दिया गया। ये जवान हर प्रकार के वातावरण समुद्र, हवा और जमीन पर काम करने में सक्षम हैं।

इस बल ने धीरे-धीरे अधिक अनुभव और व्यावसायिकता के लिए अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कर ली है। मार्कोस बल नियमित रूप से झेलम नदी और वुलर झील के माध्यम से जम्मू और कश्मीर में विशेष समुद्री अभियान चलाता है और क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियान भी संचालित करता है। कुछ मार्कोस इकाइयां तीनों सेनाओं के सशस्त्र बलों के विशेष अभियान प्रभाग का हिस्सा हैं।

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी