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भारत और मलेशिया नौसेना वार्ता, हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा और सहयोग बढ़ाने पर जोर

 

नई दिल्ली, 1 जुलाई (आईएएनएस)। नई दिल्ली में भारतीय नौसेना और रॉयल मलेशियाई नौसेना की 11वीं स्टाफ वार्ता बुधवार को अयोज‍ित हुई। इस दौरान दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने, समुद्री साझेदारी को मजबूत करने और हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में समुद्री सुरक्षा के लिए मिलकर काम करने जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।

भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर पोस्ट करते हुए कहा, "भारतीय नौसेना और रॉयल मलेशियाई नौसेना की 11वीं स्टाफ वार्ता एक जुलाई 2026 को नई दिल्ली में सफलतापूर्वक पूरी हुई।"

इस वार्ता की अध्यक्षता रियर एडमिरल श्रीनिवास मद्दुला, एसीएनएस (एफसीआई) और रॉयल मलेशियाई नौसेना के असिस्टेंट चीफ ऑफ स्टाफ (ऑप्स एंड ट्रेनिंग) रियर एडमिरल दातो’ पहलवान मोहम्मद फजली कमाल बिन मोहम्मद मोहल्दीन ने की। बातचीत में दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने, समुद्री सहयोग बढ़ाने और हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा के लिए मिलकर प्रयास करने पर ध्यान दिया गया।

इससे पहले मई में भारतीय नौसेना का समुद्री अनुसंधान पोत आईएनएस सागरध्वनि मलेशिया के पोर्ट क्लैंग पहुंचा था, जहां उसने रॉयल मलेशियाई नौसेना के साथ सफल बातचीत और सहयोग कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

भारतीय नौसेना ने बताया कि इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई पेशेवर और वैज्ञानिक बातचीत हुईं। 13 मई को पोर्ट क्लैंग पहुंचने पर रॉयल मलेशियाई नौसेना के कर्मियों ने जहाज का स्वागत किया।

आईएनएस सागरध्वनि की यात्रा के दौरान दोनों देशों के अधिकारियों ने आधुनिक हाइड्रोग्राफी तकनीकों, समुद्री पर्यावरण पर शोध और समुद्र विज्ञान से जुड़ी नई तकनीकों के बारे में जानकारी साझा की।

रॉयल मलेशियाई नौसेना के हाइड्रोग्राफिक विभाग की एक टीम ने भी जहाज का दौरा किया और वहां मौजूद समुद्री अनुसंधान प्रणालियों को समझा।

भारतीय नौसेना ने बताया कि विशेषज्ञ अधिकारियों के बीच हुए आदान-प्रदान कार्यक्रम में डेटा आधारित रखरखाव, तकनीकी बदलावों का आकलन, नौवहन सुरक्षा उपकरणों और तकनीक से जुड़े फैसले लेने के तरीकों पर भी चर्चा हुई।

आईएनएस सागरध्वनि के कमांडिंग ऑफिसर ने मलेशिया में भारत के उच्चायुक्त से कुआलालंपुर में मुलाकात की। इस दौरान जहाज के समुद्री अनुसंधान मिशन और दोनों देशों के बीच वैज्ञानिक सहयोग को और मजबूत करने पर बातचीत हुई।

भारतीय नौसेना ने अपने बयान में कहा, "यह अभियान भारत और मलेशिया के बीच बढ़ते समुद्री संबंधों को दिखाता है और दोनों नौसेनाओं की क्षेत्रीय सहयोग, ज्ञान साझा करने और आपसी पेशेवर संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दोहराता है।"

भारत और मलेशिया के बीच रक्षा संबंध पिछले कई वर्षों से लगातार मजबूत हुए हैं। साल 1993 में दोनों देशों के बीच हुआ रक्षा सहयोग समझौता (एमओयू) इन संबंधों की नींव है। इसके तहत दोनों देशों के बीच संयुक्त परियोजनाएं, रक्षा उत्पादन, खरीद, लॉजिस्टिक और रखरखाव सहयोग तथा प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का रास्ता खुला।

2023 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मलेशिया यात्रा के दौरान भारत और मलेशिया ने 1993 में हुए इस रक्षा समझौते में बदलाव करने पर सहमति जताई थी।

--आईएएनएस

एवाई/डीकेपी