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नवीन पटनायक ने कैडेट सार्थक के लापता होने पर जताई चिंता, केंद्र से हस्तक्षेप की मांग

 

भुवनेश्वर, 6 फरवरी (आईएएनएस)। ओडिशा के एक मर्चेंट नेवी कैडेट के रहस्यमय तरीके से लापता होने का मामला सामने आने के बाद परिवार से लेकर सियासी गलियारों तक चिंता का माहौल है। ओडिशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने इस मामले को गंभीर बताते हुए केंद्र सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है।

उन्होंने डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ शिपिंग और विदेश मंत्रालय से अपील की है कि वे मामले में तुरंत मदद करें और खोज अभियान को तेज किया जाए।

नवीन पटनायक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि ओडिशा के कैडेट सार्थक महापात्रा के लापता होने की खबर बेहद चिंताजनक है। इस मुश्किल घड़ी में उनकी संवेदनाएं परिवार के साथ हैं। उन्होंने डीजी शिपिंग और विदेश मंत्रालय से आग्रह किया कि संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर परिवार की मदद की जाए और सार्थक को सुरक्षित ढूंढने के प्रयासों में तेजी लाई जाए।

जानकारी के मुताबिक, 23 वर्षीय सार्थक महापात्रा ओडिशा के भद्रक जिले का रहने वाला है और मर्चेंट नेवी में डेक कैडेट के तौर पर काम कर रहा था। वह 'ईए जर्सी' नामक जहाज पर तैनात था, जिसे एंग्लो-ईस्टर्न शिप मैनेजमेंट कंपनी संचालित करती है।

बताया जा रहा है कि जहाज जब समुद्र में था, उसी दौरान सार्थक लापता हो गया। यह जहाज मॉरीशस से सिंगापुर की ओर जा रहा था।

परिवार के अनुसार, सार्थक 14 जुलाई 2025 को इस जहाज पर डेक कैडेट के रूप में शामिल हुआ था। 3 फरवरी 2026 को कंपनी की ओर से परिवार को सूचना दी गई कि सार्थक जहाज पर मौजूद नहीं है और उसकी तलाश की जा रही है।

परिवार ने बताया कि 2 फरवरी की रात करीब 9 बजे सार्थक ने मां से फोन पर बात की थी। उस रात वह अपने कुछ रिश्तेदारों और दोस्तों के संपर्क में भी था। उस समय तक सब कुछ सामान्य लग रहा था।

कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, जहाज पर ड्यूटी का समय आमतौर पर सुबह 4 से 8 बजे तक होता है। बताया गया कि 3 फरवरी की सुबह करीब 6 बजे सार्थक ने ड्यूटी छोड़ी और अपने केबिन में चला गया। उसे आखिरी बार सुबह करीब 6:15 बजे केबिन में जाते हुए देखा गया। इसके बाद जब वह नहीं मिला तो जहाज पर उसकी तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद समुद्र में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।

बताया जा रहा है कि यह खोज अभियान मॉरीशस के मैरीटाइम रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर समेत संबंधित समुद्री एजेंसियों के साथ मिलकर चलाया जा रहा है। परिवार का कहना है कि अब तक उन्हें यह साफ जानकारी नहीं दी गई है कि सार्थक किन हालात में लापता हुआ। न तो कोई सीसीटीवी फुटेज साझा की गई है और न ही कोई ठोस सबूत या विस्तृत रिपोर्ट परिवार को दी गई है।

सार्थक की मां, रसमिता साहू, जो भुवनेश्वर के एक निजी अस्पताल में काम करती हैं, इस घटना के बाद से बेहद परेशान हैं। उन्होंने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय से अपने बेटे को सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह एक बेसहारा मां हैं और अपने बेटे की तलाश के लिए सरकार से तुरंत मदद चाहती हैं। परिवार को अब भी उम्मीद है कि सार्थक सुरक्षित होगा और जल्द ही उसे ढूंढ लिया जाएगा।

--आईएएनएस

पीआईएम/एबीएम