नागा मुद्दा, आईएलपी समेत कई चुनौतियों से जूझ रहा है नागालैंड: मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो
कोहिमा, 14 जनवरी (आईएएनएस)। नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने बुधवार को कहा कि राज्य आज भी कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिनमें लंबे समय से लंबित नागा राजनीतिक मुद्दा, इनर लाइन परमिट (आईएलपी) प्रणाली से जुड़े सवाल और खनिज संसाधनों के उपयोग की आवश्यकता प्रमुख हैं।
मुख्यमंत्री मोकोकचुंग जिले के चुंगटिया गांव में आयोजित 70वें आओ काकेतशिर मुंगदांग सम्मेलन को विशेष अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। अपने संबोधन में उन्होंने नागा समाज के सामने मौजूद बहुआयामी समस्याओं पर स्पष्ट रूप से प्रकाश डाला।
नेफ्यू रियो ने जिन अन्य मुद्दों का उल्लेख किया, उनमें स्थायी समाधान की तलाश में नागा राजनीतिक समस्या, समाज में बढ़ता विभाजन और समुदाय के भीतर आपसी मतभेदों को पाटने की जरूरत, सुशासन और संसाधनों का समुचित प्रबंधन तथा संविधान के अनुच्छेद 371ए की सुरक्षा शामिल हैं।
उन्होंने सभी नागा जनजातियों से एकजुटता, आपसी सम्मान और सामूहिक टीमवर्क के साथ इन चुनौतियों का सामना करने का आह्वान किया।
राज्य सरकार की पहलों और आगे की राह पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने नागालैंड के स्वदेशी निवासियों के रजिस्टर (आरआईआईएन) और 12 सितंबर 2024 को आयोजित ऐतिहासिक परामर्श बैठक का उल्लेख किया, जिसमें नागा राजनीतिक मुद्दे पर सभी संबंधित पक्षों को एक मंच पर लाया गया था।
“दोषारोपण की संस्कृति” से हटने पर जोर देते हुए रियो ने कहा कि विवादों का समाधान ईमानदार संवाद और चर्चा के माध्यम से किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को याद दिलाया कि पूर्वजों द्वारा रचा गया इतिहास केवल गर्व करने की विरासत नहीं है, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए एक “कार्रवाई का आह्वान” भी है। उन्होंने ‘अग्रदूतों की भूमि’ की विरासत का सम्मान करते हुए एकेएम, चुंगटिया गांव और आओ नागा समुदाय का इस ऐतिहासिक आयोजन की मेजबानी के लिए आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास में आओ जनजाति के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सरकार इस समुदाय को “अग्रदूतों की भूमि” के रूप में मान्यता देती है।
उन्होंने युवा पीढ़ी से आह्वान किया कि वे अपने कंधों पर सौंपी गई जिम्मेदारियों को निभाएं और संस्थापक नेताओं की सोच को नागा प्रगति की आधारशिला बनाए रखें।
--आईएएनएस
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