'कल्कि 2898 एडी' तो बस शुरुआत है, भारतीय पौराणिक कहानियों में बहुत कुछ बाकी है: नाग अश्विन
मुंबई, 25 सितंबर (आईएएनएस)। निर्देशक नाग अश्विन ने 'कल्कि 2898 एडी' के जरिए भारतीय पौराणिक कहानी को भविष्य की दुनिया से जोड़कर एक अलग तरह की फिल्म पेश की थी। फिल्म में भगवान विष्णु के कल्कि अवतार से जुड़ी कहानी को साल 2898 की दुनिया में दिखाया गया, जहां विज्ञान और नई तकनीक के बीच हजारों साल पुरानी मान्यताएं भी कहानी का हिस्सा बनीं।
अब फिल्म को मिली सफलता को लेकर नाग अश्विन ने कहा कि यह उनके लिए सिर्फ एक फिल्म की कामयाबी नहीं है, बल्कि इस बात का संकेत है कि भारतीय पौराणिक कहानियों से अभी ऐसी बहुत सी नई कहानियां बनाई जा सकती हैं।
आईएएनएस से बात करते हुए नाग अश्विन ने कहा, ''भारतीय पौराणिक कथाओं में ऐसे कई विचार पहले से मौजूद हैं, जिन्हें भविष्य की दुनिया के साथ जोड़ा जा सकता है। भारतीय कथाओं में समय, विनाश, दोबारा जन्म और भविष्य की दुनिया जैसे कई विषय मिलते हैं। इन सब में साइंस-फिक्शन की काफी गुंजाइश है। 'कल्कि 2898 एडी' इस दिशा में सिर्फ शुरुआत है और आगे भी ऐसी कहानियों पर काम किया जाएगा।''
नाग अश्विन ने आगे कहा, '''कल्कि 2898 एडी' जैसी बड़ी और अलग फिल्म बनाने के निर्माताओं को यह भरोसा होना भी जरूरी है कि दर्शक ऐसी कहानी को देखना चाहेंगे। फिल्म की सफलता से इस तरह की बड़ी कहानियों पर पैसा लगाने का भरोसा बढ़ा है। इसका फायदा आगे उन फिल्मकारों को मिल सकता है, जो भारतीय पौराणिक कहानियों को नए तरीके से पर्दे पर लाना चाहते हैं।''
उन्होंने कहा, ''भारतीय पौराणिक कथाओं में समय और दुनिया को लेकर ऐसे विचार मिलते हैं, जो आज के दर्शकों को भविष्य की कल्पना जैसे लग सकते हैं। इसी वजह से इन कहानियों को विज्ञान और भविष्य की दुनिया के साथ जोड़ने की काफी संभावना है। अगर इन पुराने विचारों को नए तरीके से कहानी में रखा जाए तो दर्शकों को कुछ ऐसा देखने को मिल सकता है, जो उन्होंने पहले नहीं देखा।''
बता दें कि 'कल्कि 2898 एडी' में भी इसी सोच को कहानी का आधार बनाया गया था। फिल्म की कहानी साल 2898 की दुनिया में दिखाई गई है। इसमें काशी की दुनिया काफी बदल चुकी है। कहानी सुमति नाम की एक महिला और उसके अजन्मे बच्चे के इर्द-गिर्द आगे बढ़ती है। माना जाता है कि उसका बच्चा भगवान विष्णु का अंतिम अवतार कल्कि है। कुछ लोग इस बच्चे को बचाने की कोशिश करते हैं, जबकि दूसरी तरफ उसे पाने की कोशिश भी चलती रहती है।
फिल्म में अमिताभ बच्चन ने अश्वत्थामा का किरदार निभाया था। प्रभास भैरव के रूप में नजर आए थे। दीपिका पादुकोण ने सुमति का किरदार निभाया, जबकि कमल हासन ने यास्किन की भूमिका निभाई। शोभना और दिशा पाटनी भी फिल्म का हिस्सा थीं।
--आईएएनएस
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