महाराष्ट्र: एमवीए ने किया फडणवीस की चाय बैठक का बहिष्कार, भ्रष्टाचार और किसान मुद्दे पर सरकार को घेरा
मुंबई, 22 फरवरी (आईएएनएस)। महा विकास आघाड़ी (एमवीए) के नेताओं ने रविवार को एकमत से फैसला किया कि वे महाराष्ट्र विधानमंडल के बजट सत्र की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा बुलाई गई पारंपरिक चाय बैठक का बहिष्कार करेंगे। इसमें विजय वडेट्टीवार, भास्कर जाधव और आदित्य ठाकरे सहित कई नेताओं की सहमति शामिल है। बजट सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है।
विपक्षी नेताओं ने कहा कि पारंपरिक चाय बैठक का बहिष्कार करने का फैसला सरकार में कथित भ्रष्टाचार, किसानों के प्रति उदासीन रवैये और ‘लाडकी बहिन योजना’ के तहत मासिक आर्थिक सहायता बढ़ाने के चुनावी वादे को पूरा न करने के विरोध में किया गया है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने 28 जनवरी को बारामती विमान हादसे में अजित पवार की मौत पर भी सवाल उठाते हुए सरकार से स्पष्ट जानकारी देने की मांग की। उन्होंने पूछा कि यह हादसा था या इसके पीछे कोई साजिश थी?
वडेट्टीवार ने कहा, “भाजपा कभी नारा देती थी, महाराष्ट्र को कहां ले गए?’ आज हम पूछते हैं कि महाराष्ट्र कहां खड़ा है? किसान और आम लोग किस हालत में हैं? राज्य नशे की गिरफ्त में है, यह चिंता का विषय है।”
बारामती विमान हादसे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान हादसे में मौत हो गई। सरकार ने सिर्फ संक्षिप्त जानकारी दी और कहा कि इस पर सवाल न उठाए जाएं। हम सवाल क्यों न करें? पूरे देश में इस पर चर्चा हो रही है कि यह दुर्घटना थी या कुछ और। ऐसे में हम सत्र से पहले होने वाली चाय बैठक में क्यों शामिल हों?”
उन्होंने कृषि नीतियों की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि सरकार के फैसलों से सोयाबीन और कपास उत्पादक किसानों को नुकसान हुआ है। उन्होंने दावा किया कि मक्का का एमएसपी 2400 रुपए होने के बावजूद महाराष्ट्र में किसानों को 1,500 से 1,600 रुपए ही मिल रहे हैं।
वडेट्टीवार ने कहा कि यवतमाल में एक महीने में 22 किसानों ने आत्महत्या की, जबकि मराठवाड़ा क्षेत्र में 76 किसानों ने जान दी। उन्होंने आरोप लगाया, “यह सरकार किसान विरोधी है। इसलिए हमने चाय बैठक का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।”
शिवसेना (यूबीटी) विधायक दल के नेता भास्कर जाधव ने कहा कि अजित पवार की मौत को लेकर लोगों में संदेह है और सरकार की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) का कोई विधायक मौजूद नहीं था। हालांकि जाधव ने कहा कि विपक्ष एकजुट है। बाद में पूर्व विधायक मिलिंद कांबले भी प्रेस वार्ता में शामिल हुए।
जाधव ने ‘लाडकी बहिन योजना’ का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने महिलाओं को आर्थिक सहायता का वादा कर वोट लिया, लेकिन अब राज्य के कर्ज का हवाला देकर योजना के लाभ सीमित किए जा रहे हैं।
उन्होंने एक रुपए फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन पर भी सवाल उठाए और कहा कि इससे किसानों को फायदा नहीं मिला। जाधव ने भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए और कहा कि एनसीपी मंत्री नरहरि जिरवाल के निजी सहायक की गिरफ्तारी के बावजूद मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया।
उन्होंने बिजली दरों में बढ़ोतरी का भी विरोध किया और कहा कि यह सरकार के पहले दिए गए राहत के आश्वासन के विपरीत है।
शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने बुनियादी ढांचे की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुलुंड में मेट्रो स्लैब गिरने जैसी घटनाओं से सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हुई हैं।
विधान परिषद में कांग्रेस के नेता सतेज पाटिल ने 86,000 करोड़ रुपए की शक्ति पीठ हाईवे परियोजना का विरोध किया और आरोप लगाया कि किसानों की आपत्ति के बावजूद भूमि सर्वेक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एसीबी की कार्रवाई से भी कई सवाल खड़े होते हैं और सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
--आईएएनएस
एएमटी/वीसी