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मौलाना आजाद उर्दू विश्वविद्यालय ने सामुदायिक रेडियो स्टेशन का शुभारंभ किया

 

हैदराबाद, 24 मार्च (आईएएनएस)। मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय (एमएएनयू) ने मंगलवार को हैदराबाद के गाचीबौली परिसर में अपने सामुदायिक रेडियो स्टेशन, रेडियो एमएएनयू 90.0 एफएम के शुभारंभ के साथ एक नया मुकाम हासिल किया।

इस स्टेशन का उद्घाटन ऑल इंडिया रेडियो के महानिदेशक राजीव कुमार जैन ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सैयद ऐनुल हसन की उपस्थिति में किया।

विश्वविद्यालय के इंस्ट्रक्शनल मीडिया सेंटर (आईएमसी) द्वारा विकसित इस स्टेशन का उद्देश्य समुदाय और निवासियों की सेवा करना है। एमएएनयू के अनुसार, इसे स्थानीय आवाजों को बुलंद करने और समुदाय-विशिष्ट मुद्दों को संबोधित करने के लिए एक मंच के रूप में परिकल्पित किया गया है।

कार्यक्रम में बोलते हुए राजीव कुमार जैन ने हाशिए पर पड़े वर्गों तक पहुंचने और डिजिटल विभाजन को पाटने में सामुदायिक रेडियो के महत्व पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि सामुदायिक रेडियो शैक्षणिक संस्थानों के लिए संचार का एक उपयोगी माध्यम है क्योंकि यह किफायती, सुविधाजनक, पोर्टेबल और विषयवस्तु के प्रारूपों में लचीला है। हालांकि इसकी पहुंच 16 किलोमीटर तक है, लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से इसे और अधिक व्यापक बनाया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि देशभर में कुल 560 सामुदायिक रेडियो स्टेशन कार्यरत हैं, जिनमें से लगभग 38 प्रतिशत शैक्षणिक संस्थानों द्वारा संचालित हैं। सामुदायिक रेडियो एक ऐसा माध्यम है जो लोगों को सशक्त बनाता है। उन्होंने आगे कहा कि इसका विकास समावेशी संचार और पहुंच के प्रति सरकार के दृष्टिकोण का भी समर्थन करता है।

उन्होंने आशा व्यक्त की कि एमएएनयू रेडियो ज्ञान प्रसार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के विश्वविद्यालय के उद्देश्य को पूरा करने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि आकाशवाणी ने सामुदायिक रेडियो का समर्थन करके हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और आश्वासन दिया कि आकाशवाणी पर भी अच्छी सामग्री प्रसारित की जा सकती है। उन्होंने प्रतिभाशाली व्यक्तियों को आकाशवाणी रेडियो स्टेशन से जुड़ने के लिए भी आमंत्रित किया।

राजीव जैन ने डिजिटल युग में रेडियो के विकास के बारे में भी बात की और आकाशवाणी की सोशल मीडिया उपस्थिति के विस्तार और 2027 तक 33 स्थानों पर 'विजुअल रेडियो' प्रणाली शुरू करने की योजनाओं का उल्लेख किया।

कुलपति प्रो. सैयद ऐनुल हसन ने कहा कि यह पहल कक्षाओं से परे शिक्षा का विस्तार करने और व्यापक रूप से समाज के लिए ज्ञान को सुलभ बनाने के प्रति एमएएनयू की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

--आईएएनएस

एमएस/