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मध्य प्रदेश में 4 अगस्त से फिर सक्रिय होगा मानसून, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

 

भोपाल, 2 अगस्त (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में एक बार फिर दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय होने जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के भोपाल केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक 4-5 अगस्त के आसपास राज्य में बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है।

मौसम विभाग द्वारा अगले 48 घंटों के लिए भारी बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन अगले दो दिनों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है।

हल्की से मध्यम बारिश के इस दौर के बाद 4-5 अगस्त से जोरदार बारिश की उम्मीद है। 4 अगस्त को छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। 5 अगस्त को निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज के लिए भी ऐसी ही चेतावनी दी गई है।

रविवार के मौसम के आंकड़ों के अनुसार, इंदौर, नर्मदापुरम, उज्जैन और ग्वालियर डिवीजनों में कई जगहों- भोपाल डिवीजन में कुछ जगहों और चंबल, रीवा, जबलपुर, शहडोल और सागर डिवीजनों में इक्का-दुक्का जगहों पर बारिश हुई। राज्य का बाकी हिस्सा सूखा रहा।

उज्जैन डिवीजन के जिलों में अधिकतम तापमान में 2.8 डिग्री सेल्सियस तक की काफी गिरावट आई, जबकि पूरे राज्य में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। सबसे अधिक अधिकतम तापमान खजुराहो (छतरपुर) में 36.0 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम न्यूनतम तापमान खरगोन में 17.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मुरैना में तेज हवाओं की रफ्तार 50 और ग्वालियर में 47 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई। नर्मदापुरम, इंदौर (खरगोन और खंडवा को छोड़कर), उज्जैन, भोपाल, रीवा, शहडोल और ग्वालियर डिवीजन के कई इलाकों में बिजली कड़कने और बारिश के साथ आंधी-तूफान आया।

वहीं, शनिवार को रतलाम, भोपाल और खरगोन समेत कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश हुई थी। इस मौसम में रतलाम में अब तक 13 इंच से ज़्यादा बारिश हो चुकी है, जिससे हनुमान ताल पूरी तरह भर गया है। लगातार बारिश की वजह से खरगोन में कुंडा झरने का जलस्तर बढ़ गया है, जिसके चलते अधिकारियों ने सिरवेल महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी है। ग्वालियर में दोपहर में भारी बारिश हुई और उसके बाद रात में हल्की बारिश हुई।

मानसून की गतिविधियां जारी रहने के बावजूद राज्य के 43 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि केवल 12 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। जून में बारिश सामान्य से 14 प्रतिशत कम थी और जुलाई में भी लगभग 13 प्रतिशत की कमी रही।

मध्य प्रदेश में मौसम के दौरान सामान्य बारिश 37.3 इंच होती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों में आमतौर पर 38-39 इंच बारिश होती है।

आईएमडी अधिकारियों का अनुमान है कि अगस्त के पहले सप्ताह में बारिश के जोर पकड़ने से बारिश की मौजूदा कमी को कुछ हद तक कम करने में मदद मिल सकती है।

किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में पानी की सही निकासी सुनिश्चित करें। बारिश के दौरान सिंचाई और केमिकल स्प्रे करने से बचें। कटी हुई फसल और पशुधन की सुरक्षा करें और मौसम से जुड़ी आधिकारिक सलाहों के बारे में जानकारी लेते रहें।

--आईएएनएस

ओपी/वीसी