राजस्थान: 'ब्याज पर ब्याज' घोटाले में साहूकार गिरफ्तार, झालावाड़ में 5.86 करोड़ रुपए जब्त
जयपुर, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। अवैध साहूकारी और ब्याज पर ब्याज वसूलने की शोषणकारी प्रथा के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में राजस्थान के झालावाड़ जिले की अकलेरा पुलिस ने एक कुख्यात साहूकार को गिरफ्तार किया है। इस साहूकार पर कमजोर लोगों को कर्ज और दबाव के दुष्चक्र में फंसाने का आरोप है।
आरोपियों ने कथित तौर पर पैसे की तंगी से परेशान लोगों को छोटे लोन का लालच दिया और बाद में बहुत ज्यादा कंपाउंड इंटरेस्ट लगाकर बकाया कई गुना बढ़ा दिया। बताया जा रहा है कि पीड़ितों को वसूली के लिए अपने साथियों के नेटवर्क के जरिए धमकाया, डराया और परेशान किया गया।
ऑपरेशन के दौरान, पुलिस को करोड़ों रुपए के फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के बड़े रिकॉर्ड मिले।
झालावाड़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमित कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई 28 अप्रैल को अक्लेरा के आदर्श नगर निवासी घनश्याम शर्मा द्वारा दर्ज कराई गई एक शिकायत के बाद की गई।
शर्मा ने अपनी शिकायत में यह आरोप लगाया कि आरोपी ने उन्हें कर्ज के जाल में फंसा लिया था। आरोपी लगातार चुकाई जाने वाली रकम को बढ़ाता रहा और विरोध करने पर उन्हें धमकियां दीं और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। इसके बाद एक मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।
आरोपों की गंभीरता को देखते हुए एसपी अमित कुमार और अतिरिक्त एसपी भगचंद मीणा के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसकी देखरेख डिप्टी एसपी बृजेश कुमार जाट ने की।
थाना प्रभारी (एसएचओ) धर्मराज के नेतृत्व में टीम ने खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी सुगनचंद (44) को गिरफ्तार कर लिया। सुगनचंद मूल रूप से खुरी का रहने वाला है और वर्तमान में अक्लेरा की नई बस्ती में रह रहा था। प्रारंभिक जांच से एक सुनियोजित सूदखोरी रैकेट का खुलासा हुआ।
आरोपी भरोसा जीतने के लिए छोटे-छोटे लोन देता था और फिर उन पर 'डांडी ब्याज' लगा देता था, जिससे कर्ज का बोझ बहुत ज्यादा बढ़ जाता था। इसके बाद देरी होने पर और भी जुर्माना लगाया जाता था, जबकि 10-12 साथियों का एक ग्रुप कर्ज लेने वालों को डरा-धमकाकर दबाव डालने के लिए लगाया जाता था।
छापेमारी के दौरान मिले फाइनेंशियल रिकॉर्ड से पता चलता है कि 2023 में 1.46 करोड़ रुपए, 2024 में 1.83 करोड़ रुपए और 2025 में 2.56 करोड़ रुपए का अवैध ब्याज वसूला गया, जो तीन सालों में कुल मिलाकर 5.86 करोड़ रुपए बनता है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 178 स्टैंप पेपर (जिनमें से 38 पर दस्तखत थे और वे खाली थे), 521 दस्तखत किए हुए खाली चेक, 14 लोन रजिस्टर, 143 डायरी, 2,916 हिसाब की पर्चियां और जमीन-जायदाद के 26 सौदों से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए।
अधिकारियों ने बताया कि ये चीज़ें एक बड़े अवैध लोन नेटवर्क का पक्का सबूत हैं। पुलिस रिकॉर्ड से यह भी पता चलता है कि आरोपी का आपराधिक इतिहास रहा है। उस पर हत्या की कोशिश, मारपीट, धोखाधड़ी और दूसरे गंभीर अपराधों से जुड़े मामले दर्ज हैं। अब अधिकारी उसके साथियों की पहचान करने, उसके फाइनेंशियल कनेक्शन का पता लगाने और दूसरे पीड़ितों को ढूंढने का काम कर रहे हैं।
यह ऑपरेशन एसएचओ धर्मराज की अगुवाई में अक्लेरा पुलिस टीम ने पूरा किया। इसमें हेड कांस्टेबल गोपाल सिंह, ललाराम, जसकरण, मुकेश कुमार, प्रेमचंद, लखन, पवन कुमार, कैलाशराम और दलीप कुमार के साथ-साथ दूसरे पुलिसकर्मियों ने भी अहम भूमिका निभाई।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अवैध रूप से पैसे उधार देने, बहुत ज्यादा ब्याज वसूलने या फाइनेंशियल शोषण के मामलों की जानकारी पुलिस को दें, ताकि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
--आईएएनएस
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