'मोदी कहीं नहीं जाएंगे', खड़गे के बयान का गुजरात में दिया गया जवाब; पीएम के समर्थन में उमड़ा जनसैलाब
बनासकांठा, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई विवादित टिप्पणी के बाद शुरू हुए राजनीतिक विवाद के बीच शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा में 'मोदी कहीं नहीं जाएंगे' का नारा गूंजा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जिले के दौरे के दौरान गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने इस नारे के जरिए उनके समर्थन में लोगों से एकजुटता दिखाने की अपील की।
प्रधानमंत्री मोदी जब विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने पहुंचे तो छात्रों ने 'मोदी कहीं नहीं जाएंगे' के नारे लगाए। भिलड़ी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि प्रधानमंत्री के दौरे से पहले बनासकांठा के गांवों में आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रमों और स्वच्छता अभियानों के दौरान भी यही नारा सुनाई दे रहा था।
इसके बाद उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से भी यह नारा दोहराने को कहा। संघवी ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को देश के विकास से जोड़ते हुए कहा कि जब तक भारत दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल नहीं हो जाता, तब तक मोदी कहीं नहीं जाएंगे।
उन्होंने कहा, "जब तक भारत आत्मनिर्भर नहीं बन जाता और दुनिया का मैन्युफैक्चरिंग हब नहीं बन जाता, मोदी कहीं नहीं जाएंगे। जब तक हर गरीब परिवार को पक्का मकान नहीं मिल जाता, गरीबी खत्म नहीं हो जाती, लखपति दीदियों की संख्या नहीं बढ़ जाती और दूरदराज के इलाकों तक विकास नहीं पहुंच जाता, मोदी कहीं नहीं जाएंगे।"
उन्होंने परिवारवाद और तुष्टीकरण की राजनीति को समाप्त करने का लक्ष्य भी इसी नारे से जोड़ा। संघवी ने कहा कि जब तक भारत विकसित राष्ट्र नहीं बन जाता, मोदी कहीं नहीं जाएंगे।
यह नारा 25 अक्टूबर को पटना में एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं पर बोलते समय दर्शकों में मौजूद एक व्यक्ति ने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इस पर खड़गे ने जवाब दिया था, 'मोदी का बाप भी जाएगा।'
खड़गे की इस टिप्पणी के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई थी। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है।
भिलड़ी में संघवी ने खुद को केवल उपमुख्यमंत्री नहीं, बल्कि एक युवा नागरिक के तौर पर संबोधित करते हुए कांग्रेस और उसके नेताओं पर प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ बार-बार अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दिवंगत माता-पिता को भी राजनीतिक हमलों में घसीटा गया है। संघवी के मुताबिक, देशभर में लोगों की प्रतिक्रिया ने प्रधानमंत्री के प्रति उनके समर्थन को जाहिर किया है। उन्होंने कहा, "कश्मीर से कन्याकुमारी तक, गांवों से लेकर शहरों की सड़कों तक एक ही नारा सुनाई दे रहा है- मोदी कहीं नहीं जाएंगे।"
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष और बनास डेयरी के चेयरमैन शंकर चौधरी ने भी बनासकांठा के विकास में प्रधानमंत्री मोदी के योगदान की सराहना की। उन्होंने क्षेत्र में पहले पानी और बिजली की कमी का जिक्र करते हुए कहा कि चौबीसों घंटे बिजली की उपलब्धता, सुजलाम सुफलाम नहर नेटवर्क और अन्य योजनाओं ने किसानों तथा पशुपालकों की जिंदगी बदल दी है।
चौधरी ने कहा कि गोवर्धन योजना के जरिए पशुओं के गोबर को कचरे के बजाय आर्थिक संसाधन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस व्यवस्था से पशुपालक हर साल 100 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर रहे हैं। नवनिर्मित भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य दूध उत्पादन क्षमता बढ़ाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में एक गाय से उतना दूध प्राप्त किया जा सकेगा, जितना मौजूदा परिस्थितियों में चार गायों से मिलता है।
उपमुख्यमंत्री संघवी ने भी बनासकांठा से अपने परिवार के करीब 50 साल पहले पानी और बिजली की कमी के कारण सूरत पलायन करने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नर्मदा का पानी पहुंचने, सुजलाम सुफलाम योजना और ड्रिप सिंचाई जैसी पहलों ने जिले की तस्वीर बदल दी है। बनासकांठा आज एक प्रमुख डेयरी केंद्र के रूप में उभरा है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि बनास डेयरी के माध्यम से पशुपालकों को मिलने वाला सालाना लाभ 2003 में करीब 30 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 1,400 करोड़ रुपये हो गया है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अपने संबोधन में पीएम-किसान योजना की 24वीं किस्त, बोवाइन ब्रीडिंग सेंटर, बनास डेयरी की परियोजनाओं, रेल और सड़क संपर्क में सुधार तथा आंगनवाड़ी से जुड़े कार्यों के उद्घाटन और शिलान्यास का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके पहले शपथ ग्रहण के 25 साल पूरे होने के अवसर से भी जुड़ा है। उन्होंने 7 अक्टूबर 2001 को पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। भिलड़ी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पीएम-किसान की किस्त जारी की गई। इसके अलावा कृषि, डेयरी और बुनियादी ढांचे से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शुभारंभ किया गया।
--आईएएनएस
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