मिजोरम में ड्रग्स तस्करी पर ईडी का शिकंजा, 22 बैंक खातों से 4.76 करोड़ रुपए जब्त
नई दिल्ली/आइजोल, 30 सितंबर (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मिजोरम में संगठित सीमा पार मादक पदार्थों की तस्करी और धन शोधन के नेटवर्क से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत 22 बैंक खातों में जमा 4.76 करोड़ रुपए की राशि को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है।
ईडी के आइजोल उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने पीएमएलए के तहत संगठित सीमा पार मादक पदार्थों की तस्करी और धन शोधन के नेटवर्क से संबंधित मामले में 22 बैंक खातों में जमा लगभग 4.76 करोड़ रुपए की चल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है।
ईडी के एक बयान के अनुसार, केंद्रीय जांच एजेंसी ने 28 सितंबर को अंतरिम कुर्की आदेश के बाद यह निर्णय लिया।
ईडी ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की अगरतला जोनल यूनिट द्वारा एनसीबी के एक मामले में दायर अभियोजन शिकायत के आधार पर जांच शुरू की। बयान में कहा गया है कि मूल अपराध 21 अगस्त, 2025 को मिजोरम के केइफांग और सेलिंग के बीच चलाए गए एक संयुक्त अभियान के दौरान 49.101 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन टैबलेट और 40 ग्राम हेरोइन की जब्ती से संबंधित है।
एनसीबी की जांच में अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय सीमाओं पर सक्रिय एक संगठित मादक पदार्थों की तस्करी नेटवर्क की संलिप्तता का खुलासा हुआ था।
जांच से पता चला है कि पीएमएलए के तहत मादक पदार्थों की खरीद कथित तौर पर म्यांमार से की गई थी और उन्हें भारत-म्यांमार सीमा के रास्ते मिजोरम में ले जाया गया था, जहां से उन्हें भारत के अन्य हिस्सों में प्राप्तकर्ताओं और संचालकों तक पहुंचाया गया था।
आगे की जांच में तस्करी में शामिल म्यांमार स्थित आपूर्तिकर्ताओं, स्थानीय समन्वयकों, ट्रांसपोर्टरों, एस्कॉर्ट वाहनों और प्राप्तकर्ताओं की संलिप्तता का पता चला। मादक पदार्थों की अवैध तस्करी से प्राप्त धनराशि को कथित तौर पर विभिन्न व्यक्तियों और व्यावसायिक संस्थाओं के नाम पर संचालित बैंक खातों के एक नेटवर्क के माध्यम से एकत्र, स्थानांतरित और कई स्तरों पर वितरित किया गया था।
जांच में मादक पदार्थों के व्यापार से जुड़े धन की प्राप्ति, हस्तांतरण और निपटान के लिए एक संगठित हवाला नेटवर्क के उपयोग का भी संकेत मिला। बयान में कहा गया कि कई खातों में पर्याप्त जमा राशि, बार-बार नकद जमा, तेजी से आगे हस्तांतरण और लेनदेन की मात्रा दर्ज की गई, जो जांच के दौरान दर्ज की गई, संबंधित खाताधारकों की घोषित व्यावसायिक प्रोफाइल के अनुपातहीन थी।
जांच में यह भी पता चला कि म्यांमार के नागरिक थांगचिंटुआंग उर्फ चिंटुआंग, म्यांमार से भारत में मादक पदार्थों की खरीद, आपूर्ति, परिवहन और वित्तीय निपटान में शामिल ड्रग तस्करी नेटवर्क का मुख्य सरगना था। उसे मई 2026 में एनसीबी द्वारा गिरफ्तार किया गया और बाद में आइजोल की केंद्रीय जेल में रखा गया।
अपने बयान में चिंटुआंग ने म्यांमार से भारत में हेरोइन और मेथम्फेटामाइन की खरीद और आपूर्ति में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और खुलासा किया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर मादक पदार्थों की वह खेप भेजी थी जिसे एनसीबी ने 21 अगस्त 2025 को जब्त कर लिया था।
चिंटुआंग ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले नेटवर्क के तौर-तरीकों का खुलासा किया, जिसमें म्यांमार के आपूर्तिकर्ताओं से मादक पदार्थों की खरीद, भारत-म्यांमार सीमा के दूरस्थ मार्गों से परिवहन, भारतीय प्राप्तकर्ताओं तक डिलीवरी और मादक पदार्थों की तस्करी से प्राप्त आय के निपटान के लिए अपनाई गई प्रक्रिया शामिल थी। उन्होंने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से प्राप्त आय को प्राप्त करने, भेजने और निपटाने के लिए इस्तेमाल किए गए कई भारतीय बैंक खातों का विवरण भी दिया।
--आईएएनएस
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