मिजोरम का लक्ष्य डिजिटल गवर्नेंस में भारत का नेतृत्व करना : सीएम लालदुहोमा
आइजोल, 3 फरवरी (आईएएनएस)। मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार ने पब्लिक सर्विस डिलीवरी को आसान बनाने, उसे तेज, ज्यादा कुशल और नागरिकों के लिए आसानी से उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी है।
भारत में डिजिटल गवर्नेंस में मिजोरम को सबसे आगे रखने के अपने विजन को दोहराते हुए, मुख्यमंत्री ने पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने की सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
आइजोल में रजिस्ट्रार ऑफ कोऑपरेटिव सोसाइटीज (आरसीएस) के कंप्यूटरीकरण का उद्घाटन करते हुए, लालदुहोमा ने कहा कि पिछले दो सालों में कई डिजिटल पहल की गई हैं, और लगातार प्रगति हो रही है।
मिजोरम की खूबियों पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने कहा कि एक छोटे राज्य के रूप में, जिसकी आबादी अपेक्षाकृत कम है, मिजोरम में साक्षरता का स्तर ऊंचा है और अंग्रेजी भाषा में व्यापक दक्षता है, जो डिजिटल सेवा वितरण में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्यों में से एक बनने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो सालों में 20 से ज्यादा ऑनलाइन सर्विस पोर्टल लॉन्च किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जहां मिजोरम सीएसआर कनेक्ट पोर्टल का उद्घाटन हाल ही में किया गया था, वहीं मंगलवार को सहकारिता विभाग के कंप्यूटरीकरण की शुरुआत हुई।
लालदुहोमा ने इस बात पर जोर दिया कि यह पहल पूरे राज्य में सहकारी समितियों को पहुंच और दक्षता में सुधार करके बहुत फायदा पहुंचाएगी, साथ ही विभागीय कर्मचारियों के लिए काम की प्रक्रियाओं को भी आसान बनाएगी। उन्होंने कम समय में परियोजना को पूरा करने के लिए मंत्री और विभाग के अधिकारियों की भी सराहना की।
इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, सहकारिता मंत्री पी.सी. वनललरुआटा ने कहा कि मिजोरम भारत के पहले राज्यों में से एक है जिसने इस पहल को सफलतापूर्वक लागू किया है और राज्य में सहकारिता विभाग के सभी कार्यालयों का पूरी तरह से कंप्यूटरीकरण करने वाला पहला राज्य है। उन्होंने इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया और व्यक्तिगत रूप से परियोजना का उद्घाटन करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
आयुक्त और सचिव, सहकारिता विभाग, अदित प्रकाश राय ने आरसीएस कंप्यूटरीकरण परियोजना का विस्तृत अवलोकन प्रदान करते हुए कहा कि इसे पिछले साल 29 मार्च को मिजोरम में शुरू किया गया था।
--आईएएनएस
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