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मिरांडा हाउस और हिंदू कॉलेज के छात्रों ने दिल्ली विधानसभा का जाना कामकाज

 

नई दिल्ली, 7 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस, हिंदू कॉलेज समेत छह कॉलेजों के छात्रों ने सोमवार को युवा संपर्क कार्यक्रम (यूथ आउटरीच प्रोग्राम) के तहत दिल्ली विधानसभा का दौरा किया और विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता से संवाद किया।

इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने छात्रों से नागरिक जागरूकता को सक्रिय नेतृत्व और सुशासन से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए जागरूक और सहभागी युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

एक छात्र के सवाल के जवाब में, जिसमें पूछा गया था कि सदन का प्रभावी संचालन करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष में सबसे जरूरी गुण क्या होना चाहिए, विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि जटिल संसदीय परिस्थितियों से निपटने के लिए धैर्य सबसे महत्वपूर्ण गुण है।

वर्तमान लोकतांत्रिक व्यवस्था पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, "आज लोकतंत्र के सामने एक बड़ी चुनौती यह है कि विधायी संस्थाओं में भागीदारी कम होती जा रही है और सार्थक बहस कई बार शोर-शराबे में दब जाती है। बहुत कम सदस्य सदन की कार्यवाही में सक्रिय रूप से हिस्सा लेते हैं, जबकि विपक्षी सदस्यों की उपस्थिति भी सीमित रहती है।"

युवा संपर्क पहल के तहत हिंदू कॉलेज, शहीद भगत सिंह कॉलेज, कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज (सीवीएस), श्री गुरु नानक देव खालसा कॉलेज, मिरांडा हाउस और रामजस कॉलेज के छात्रों ने दिल्ली विधानसभा का दौरा किया।

आधिकारिक बयान के अनुसार, छात्रों को विधानसभा के इतिहास, कार्यप्रणाली और विधायी प्रक्रियाओं की प्रत्यक्ष जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें यह भी बताया गया कि सदन में कानून बनाने और अन्य विधायी कार्य कैसे संपन्न होते हैं।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा और वास्तविक लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था के बीच की दूरी को कम करना है, ताकि छात्र नीति निर्माण और जन जवाबदेही की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझ सकें।

1912 में बने ऐतिहासिक विधानसभा परिसर के भ्रमण के दौरान छात्रों को भवन की ऐतिहासिक विरासत और पूर्व केंद्रीय विधानसभा से जुड़े इतिहास की जानकारी दी गई। उन्हें विट्ठलभाई पटेल जैसे प्रमुख व्यक्तित्वों के योगदान से भी अवगत कराया गया।

ओरिएंटेशन कार्यक्रम में छात्रों को विस्तार से बताया गया कि विधेयक किस प्रकार पेश किए जाते हैं, उन पर चर्चा कैसे होती है और वे कानून का रूप कैसे लेते हैं। इसके अलावा, 1993 से दिल्ली विधानसभा के विकास और सफर पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई।

कार्यक्रम के दौरान 'एक शताब्दी यात्रा' नामक स्मारक कॉफी-टेबल बुक भी प्रस्तुत की गई। इसके बाद छात्रों ने विधानसभा के मुख्य सदन का दौरा किया और स्थानीय शासन व्यवस्था के संचालन को करीब से समझा।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी