कोई भ्रम नहीं, शाम तक पोर्टफोलियो को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना : प्रियंक खड़गे
बेंगलुरु, 4 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे ने संकेत दिया है कि राज्य मंत्रिमंडल में विभागों का बंटवारा गुरुवार शाम तक अंतिम रूप ले सकता है। हालांकि उन्होंने कहा कि इस संबंध में मीडिया में चल रही खबरें केवल अटकलें हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र प्रियांक खड़गे ने बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि अभी तक विभागों के आवंटन को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा, "मंत्रियों के विभागों का बंटवारा अभी नहीं हुआ है। मीडिया में जो खबरें चल रही हैं, वे केवल अटकलें हैं। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि शाम तक फैसला हो सकता है। देखते हैं क्या होता है।"
प्रियांक खड़गे ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में हर नेता को दी गई जिम्मेदारी को जनता की सेवा का अवसर मानना चाहिए।
उन्होंने कहा, "सभी को सौंपी गई जिम्मेदारियों को स्वीकार करना चाहिए। कोई पद छोटा या बड़ा नहीं होता। जो भी अवसर मिले, उसका उपयोग लोगों की सेवा के लिए किया जाना चाहिए।"
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें गृह मंत्री का पद दिया जाएगा, तो उन्होंने कहा कि किसी भी पद पर कोई भी व्यक्ति हो, कानून और संविधान सर्वोपरि हैं।
उन्होंने कहा, "गृह मंत्री कोई भी बने, कानून के खिलाफ कुछ नहीं किया जा सकता। सभी को संविधान और कानून के दायरे में रहकर काम करना होगा।"
कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष के रूप में बी.के. हरिप्रसाद की नियुक्ति का बचाव करते हुए प्रियांक खड़गे ने कहा कि हरिप्रसाद पार्टी के अनुशासित और अनुभवी कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने संगठन में जमीनी स्तर से अपनी पहचान बनाई है।
उन्होंने कहा, "वह पार्टी के अनुशासित सिपाही हैं। उन्होंने सेवा दल और एनएसयूआई से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। उनकी विचारधारा कांग्रेस की विचारधारा के अनुरूप है। उन्होंने जमीनी स्तर से काम किया है और महासचिव तथा विभिन्न राज्यों के प्रभारी के रूप में जिम्मेदारियां निभाई हैं।"
प्रियांक खड़गे ने कहा कि गुजरात, असम, हरियाणा और कर्नाटक समेत कई राज्यों में संगठनात्मक अनुभव रखने वाले हरिप्रसाद की नियुक्ति से राज्य में कांग्रेस संगठन को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा, "यह खुशी की बात है कि एक साधारण कार्यकर्ता इस पद तक पहुंचा है। उनकी नियुक्ति हम सभी के लिए गर्व का विषय है। उनका अनुभव पार्टी को संगठित और मजबूत बनाने में मदद करेगा।"
पार्टी के भीतर जिम्मेदारियों को लेकर प्रियांक खड़गे ने कहा कि सतीश जारकीहोली और बी.के. हरिप्रसाद दोनों ने ही उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, उसे स्वीकार करने की इच्छा जताई है।
उन्होंने कहा, "कहा जा रहा है कि पार्टी में भ्रम की स्थिति है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। हम सभी किसी भी जिम्मेदारी को निभाने के लिए तैयार हैं।"
गौरतलब है कि सतीश जारकीहोली कई बार सार्वजनिक रूप से कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) अध्यक्ष बनने की इच्छा जता चुके हैं।
--आईएएनएस
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