खनन राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़, 181 करोड़ रुपये जुटाए: मेघालय सीएम
शिलांग, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने बुधवार को वैज्ञानिक और टिकाऊ खनन की ओर बदलाव का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खनिज संपदा से समुदायों के लिए दीर्घकालिक आर्थिक अवसर और बेहतर जीवन स्तर प्राप्त होने चाहिए। यह आह्वान जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) के संचालन के एक दशक पूरे होने के उपलक्ष्य में किया गया।
यहां एक समारोह में भाग लेते हुए मुख्यमंत्री संगमा ने कहा कि मेघालय की अर्थव्यवस्था में खनन की महत्वपूर्ण भूमिका बनी हुई है, जिससे राजस्व उत्पन्न होता है और हजारों लोगों को आजीविका मिलती है।
उन्होंने इस बात पर बल दिया कि राज्य की खनन पद्धतियों को स्थानीय परिस्थितियों और सामुदायिक भूमि स्वामित्व की पारंपरिक प्रणाली को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित और अधिक टिकाऊ तरीकों की ओर विकसित होना चाहिए।
पिछले 10 वर्षों में डीएमएफ के प्रदर्शन पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि फाउंडेशन ने राज्य में 181 करोड़ रुपए जुटाए हैं और 923 परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनमें से 542 पूरी हो चुकी हैं।
पूर्ण हो चुकी पहलों में कक्षाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं, पेयजल आपूर्ति नेटवर्क और मानसून की स्थिति का सामना करने के लिए डिजाइन किए गए पैदल पुलों सहित कई आवश्यक सेवाएं और सामुदायिक बुनियादी ढांचा शामिल हैं।
परियोजनाओं में जल संरक्षण संरचनाओं और खनन क्षेत्रों में वृक्षारोपण के माध्यम से पर्यावरण बहाली पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है।
संगमा ने कहा कि अब ध्यान बुनियादी ढांचे के निर्माण से आगे बढ़कर ऐसी संपत्तियों के विकास पर होना चाहिए जो स्थायी आय उत्पन्न करें और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करें।
उन्होंने कहा कि पर्यटन, खाद्य प्रसंस्करण और स्थानीय उद्यमों में निवेश मेघालय को एक पुनर्जीवित अर्थव्यवस्था बनाने में मदद कर सकता है, जिसमें खनिज संसाधनों के लाभ दीर्घकालिक रूप से समुदायों का समर्थन करते रहें।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासनों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि उपलब्ध डीएमएफ निधि का प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाए और चल रही परियोजनाओं को अनावश्यक देरी के बिना पूरा किया जाए।
उन्होंने फाउंडेशन के माध्यम से वित्त पोषित विकास पहलों के प्रभाव को अधिकतम करने के लिए जिला अधिकारियों और स्थानीय समुदायों के बीच घनिष्ठ समन्वय का आह्वान किया।
--आईएएनएस
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