मिनी कूपर हादसा : तीन लोगों की मौत मामले में तीनों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज
कोच्चि, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। अंगमाली मजिस्ट्रेट कोर्ट ने शनिवार को नेदुम्बस्सेरी में हुई मिनी कूपर दुर्घटना के तीन आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि जांच एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंच चुकी है।
अदालत ने कार चला रहे सुहैल सजीव और वाहन में सवार नीनाव और अमीर जोएल की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। पहले आरोपी पर गैर इरादतन हत्या का आरोप है, जबकि अन्य दो पर उकसाने का आरोप है।
यह दुर्घटना रविवार तड़के करीब 2 बजे कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास हुई, जब तेज रफ्तार मिनी कूपर ने इयास, गोपिका और देविका को ले जा रहे स्कूटर को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में तीनों की मौत हो गई। तीनों पढ़ाई के साथ-साथ एक हस्तशिल्प की दुकान में पार्ट टाइम जॉब करते थे। इस मामले ने राजनीतिक विवाद भी खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर आरोप लग रहे हैं कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ड्राइवर को कानूनी कार्रवाई से बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने शनिवार को मीडिया के कुछ हिस्सों में फैलाई जा रही निराधार खबरों पर नाराजगी व्यक्त की, जिनमें आरोप लगाया गया था कि आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया सबूतों का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया।
अदालत को बताया गया कि रक्त और मूत्र के नमूनों की जांच से शराब के सेवन की पुष्टि हुई है। यह भी कहा गया कि दुर्घटना के विवरण की पुष्टि के लिए कार के इवेंट डेटा रिकॉर्डर (ईडीआर) को जांच के लिए भेजा गया है। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि 19 वर्षीय चालक अपने कार्यों की प्रकृति और परिणामों को समझता होगा।
उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि महत्वपूर्ण जांच प्रक्रियाएं लंबित रहने तक जमानत न दी जाए। अभियोजन पक्ष की इस दलील को स्वीकार करते हुए कि जांच एक महत्वपूर्ण चरण में है, अदालत ने जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।
राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों और गृह मंत्री द्वारा मीडिया में प्रसारित खबरों की आलोचना ने इस मामले में एक नया आयाम जोड़ दिया है। अब जांच और ईडीआर की जांच के निष्कर्षों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
--आईएएनएस
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