मेसी इवेंट धोखाधड़ी मामला: विजिलेंस जांच की मंजूरी देने में केरल सरकार की देरी पर उठे सवाल
तिरुवनंतपुरम, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी के नाम से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले में पूर्व मंत्री वी. अब्दुरहिमान के खिलाफ विजिलेंस जांच शुरू करने के फैसले में केरल सरकार की देरी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले की फाइल अभी तक राज्यपाल की मंजूरी के लिए 'लोक भवन' (राजभवन) नहीं पहुंची है।
इस देरी के कारण विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच रुक गई है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने 5 अक्टूबर को ही एक सिफारिश भेजकर 'भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम' के तहत अब्दुरहिमान और दो अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की अनुमति मांगी थी।
गृह विभाग का कहना है कि जांच शुरू करने के लिए राज्यपाल की पूर्व मंजूरी जरूरी है। हालांकि, फाइल अभी तक लोक भवन नहीं भेजी गई है, जिससे प्रस्तावित कार्रवाई अटकी हुई है। विभाग ने देरी का कारण विधानसभा सत्र को बताया है। उनका कहना है कि विधानसभा के कामकाज के भारी बोझ के कारण वे अन्य फाइलों की जांच नहीं कर पा रहे हैं।
एसआईटी ने अनियमितताओं के सिलसिले में अब्दुरहिमान, उनके निजी सचिव सत्यपालन और केरल राज्य खेल परिषद के पूर्व अध्यक्ष यू. शराफ अली के खिलाफ जांच करने की अनुमति मांगी है। यह मामला फुटबॉल से जुड़ी एक पहल में मेसी के नाम के इस्तेमाल से जुड़े विवाद से संबंधित है।
प्रस्तावित विजिलेंस जांच में यह देखा जाएगा कि क्या इन कथित अनियमितताओं में भ्रष्टाचार शामिल है, जिसके तहत 'भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम' की धाराएं लागू हो सकती हैं।
सिफारिश पर कार्रवाई करने में हुई देरी ने सरकार के इस मामले को संभालने के तरीके पर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर तब जब पुलिस पहले ही अपनी सिफारिश भेज चुकी है।
जांच को आगे बढ़ाने में 'पूर्व मंजूरी' की जरूरत और फाइल भेजने में प्रशासनिक देरी मुख्य बाधाएं बन गई हैं। चूंकि फाइल अभी भी गृह विभाग में ही अटकी हुई है, इसलिए एसआईटी इन तीन लोगों के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई को आगे नहीं बढ़ा पा रही है। सरकार ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि सिफारिश कब लोक भवन भेजी जाएगी या प्रस्तावित विजिलेंस मामले पर कब तक कोई फैसला लिया जाएगा।
--आईएएनएस
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