मेघालय सरकार ने प्रवासी कामगारों का पंजीकरण अनिवार्य किया
शिलांग, 30 सितंबर (आईएएनएस)। मेघालय सरकार ने बुधवार को मेघालय प्रवासी कामगार पहचान, पंजीकरण (सुरक्षा एवं संरक्षा) अधिनियम और नियम, 2020 के तहत राज्य में कार्यरत सभी प्रवासी कामगारों के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
बंतेइलांग जे. खारशांडी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, प्रत्येक प्रवासी कामगार को निर्धारित पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करनी होगी और एक व्यक्तिगत पंजीकरण कार्ड प्राप्त करना होगा।
प्रवासी कामगारों को काम पर रखने वाले नियोक्ताओं और ठेकेदारों को इस नियम का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
अधिकारियों ने कहा कि कामगारों का पंजीकरण न कराने पर एमआईआरएसएस अधिनियम के प्रावधानों के तहत दंड लगाया जा सकता है।
नियोक्ताओं को उस क्षेत्र के पंजीकरण अधिकारी को ऑनलाइन पंजीकरण आवेदन जमा करना होगा जहां प्रवासी कामगार कार्यरत है।
पंजीकरण शुल्क 50 रुपए है।
श्रमिक श्रम आयुक्त पोर्टल, इन्वेस्ट मेघालय पोर्टल, मेघालय लोक सेवा आयोग की वेबसाइट, कॉमन सर्विस सेंटर और जिला श्रम कार्यालयों में स्थित निर्दिष्ट हेल्प डेस्क के माध्यम से अपने आवेदन जमा कर सकते हैं।
संशोधित एमआईआरएसएस नियम, 2026 के तहत, आवेदकों को सरकार द्वारा जारी किए गए कई पहचान दस्तावेजों में से एक प्रस्तुत करना होगा, जिनमें मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड या बीपीएल कार्ड शामिल हैं।
आधार को स्पष्ट रूप से स्वीकृत दस्तावेजों की सूची से बाहर रखा गया है।
पुलिस सत्यापन रिपोर्ट भी अनिवार्य है।
राज्य पुलिस विभाग अपराध और आपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्क और सिस्टम (सीसीटीएनएस) के माध्यम से सत्यापन करेगा।
प्रक्रिया लंबित रहने के दौरान अधिकारी अस्थायी पुलिस सत्यापन जारी कर सकते हैं, जिसका सत्यापन 30 दिनों के भीतर अनिवार्य है।
एक बार स्वीकृत होने पर, पंजीकरण कार्ड 179 दिनों के लिए वैध रहेगा।
अपना पंजीकरण जारी रखने के इच्छुक श्रमिकों को मौजूदा कार्ड की समय सीमा समाप्त होने से कम से कम 30 दिन पहले नवीनीकरण के लिए आवेदन करना होगा।
श्रम आयुक्त ने नियोक्ताओं और ठेकेदारों को पंजीकरण प्रावधानों का उल्लंघन न करने की चेतावनी दी है।
पहले अपराध पर 10,000 रुपए का जुर्माना लगेगा, जबकि दूसरे अपराध पर 25,000 रुपए का जुर्माना लगेगा।
तीसरी बार उसके बाद की बार अपराध करने पर 1 लाख रुपए तक का जुर्माना, तीन महीने तक की कैद या दोनों हो सकते हैं।
विभाग ने जनता को मेघालय और अन्य जगहों पर चेक गेटों पर कथित तौर पर बनाए जा रहे या प्रदर्शित किए जा रहे फर्जी पंजीकरण प्रमाण पत्रों और पावती पर्चियों के प्रति भी आगाह किया है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि पंजीकरण दस्तावेजों या इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों की अनधिकृत नकल, परिवर्तन या हेरफेर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 336 के तहत दंडनीय है।
सरकार ने नियोक्ताओं, ठेकेदारों और प्रवासी श्रमिकों से निर्धारित पंजीकरण प्रक्रिया का पालन करने और केवल अधिकृत प्लेटफार्मों और दस्तावेजों का उपयोग करने का आग्रह किया है।
--आईएएनएस
एमएस/