मेघालय: फैकल्टी की कमी से तुरा मेडिकल कॉलेज में सिर्फ 50 एमबीबीएस सीटों पर दाखिला, 150 सीटों की मंजूरी
शिलांग, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। मेघालय में तुरा मेडिकल कॉलेज को पूरी तरह से चालू करने में टीचिंग फैकल्टी की भारी कमी एक बड़ी बाधा बन गई है। इसके कारण कॉलेज की क्षमता सालाना सिर्फ 50 एमबीबीएस छात्रों तक ही सीमित रह गई है, जबकि इसके लिए 150 सीटों की मंजूरी मिली थी।
इस संबंध में अधिकारियों ने शुक्रवार को जानकारी दी।
यह मुद्दा 7 अक्टूबर को राज्य के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के कमिश्नर और सेक्रेटरी जोराम बेडा की अध्यक्षता में हुई एक समीक्षा बैठक में उठा। बैठक में अधिकारियों ने भर्ती में कमी और निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया।
अधिकारियों के अनुसार, संस्थान मंजूर की गई सभी सीटों पर छात्रों को दाखिला देने के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) द्वारा तय की गई फैकल्टी की जरूरतों को पूरा करने में असमर्थ रहा है।
जरूरी 97 फैकल्टी पदों के मुकाबले, स्टाफिंग का स्तर प्रोफेसरों के लिए 86 प्रतिशत, एसोसिएट प्रोफेसरों के लिए 85 प्रतिशत, सीनियर रेजिडेंट्स के लिए 52 प्रतिशत और असिस्टेंट प्रोफेसरों के लिए सिर्फ 36 प्रतिशत है।
विभाग ने भर्ती के लिए तीन बार विज्ञापन जारी किए हैं, जबकि पिछले पांच महीनों में हुई बातचीत में कमी को पूरा करने के लिए गारो हिल्स में काम कर रहे डॉक्टरों को तैनात करने पर भी विचार किया गया है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों और अस्पतालों में काम करने वाले डॉक्टरों, खासकर वेस्ट गारो हिल्स के बाहर काम करने वाले डॉक्टरों की पहचान संभावित तैनाती के लिए की गई है।
हालांकि, अधिकारियों ने जोर दिया कि कर्मचारियों को दूसरी जगह भेजने से दूसरे जिलों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिए। राज्य सरकार ने माना कि सिर्फ नई भर्तियां करने से एनएमसी के नियमों को पूरा करना काफी नहीं हो सकता, खासकर सीनियर फैकल्टी की कमी को देखते हुए।
इस देरी से राज्य में छात्रों के लिए मेडिकल शिक्षा के मौकों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इस बीच, प्रोजेक्ट का कुल काम 84 प्रतिशत पूरा हो चुका है। तुरा सिविल हॉस्पिटल कैंपस में 80 और 150 बेड वाले हॉस्पिटल ब्लॉक का काम क्रमशः 55 प्रतिशत और 25 प्रतिशत पूरा हो गया है।
80 बेड वाले ब्लॉक का काम 31 दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है, जबकि बड़े ब्लॉक के लिए 30 जून, 2027 का लक्ष्य रखा गया है। डोलडेग्रे में एकेडमिक ब्लॉक का काम 31 मार्च, 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है।
राज्य सरकार ने फिर से कहा कि कॉलेज में दाखिला लेने वाले छात्र वही सालाना फीस देंगे जो शिलॉन्ग मेडिकल कॉलेज में राज्य कोटे के तहत ली जाती है, यानी 33,000 रुपए।
अधिकारियों ने कहा कि प्राथमिकता स्टाफ की कमी को दूर करने और इंफ्रास्ट्रक्चर का काम पूरा करने की है, ताकि यह संस्थान मेघालय के मेडिकल की पढ़ाई करने के इच्छुक छात्रों और वहां के निवासियों को वे सभी फायदे दे सके जिनके लिए इसे बनाया गया है।
--आईएएनएस
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