इस्तीफा न देकर ममता बनर्जी 'लोकतंत्र और संविधान विरोधी मानसिकता' का प्रदर्शन कर रहीं: मनोज तिवारी
नई दिल्ली, 6 मई (आईएएनएस)। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर चुनाव में हार के बाद इस्तीफा देने से इनकार करने को लेकर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि उनका यह रुख लोकतांत्रिक सिद्धांतों और संवैधानिक मानदंडों की अवहेलना को दर्शाता है।
मनोज तिवारी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो मुख्यमंत्री को राजनीतिक वैधता खोने के बाद भी पद पर बने रहने के लिए बाध्य करें। संविधान सत्ता हस्तांतरण का स्पष्ट और गरिमापूर्ण मार्ग प्रदान करता है।
उन्होंने कहा, "ऐसा कोई विकल्प नहीं है। यदि इस्तीफा देने के बाद ही मुख्यमंत्री की कुर्सी जाती तो इस देश में बहुत से लोग कभी इस्तीफा नहीं देते, लेकिन ऐसा नहीं होता। यह देश संविधान से चलता है और संविधान गरिमापूर्ण तरीके से पद छोड़ने का प्रावधान भी करता है। प्रक्रिया यह है कि आप जाकर हस्ताक्षर करते हैं तो आपकी गरिमा बनी रहती है और माना जाता है कि आप लोकतंत्र में विश्वास रखती हैं। सदन में विश्वास मत की परीक्षा होते ही, जिसके पास बहुमत होगा, उसी के आधार पर सरकार का गठन होगा।"
मनोज तिवारी ने कहा, "मेरा मानना है कि ममता अपनी नकारात्मकता का प्रदर्शन कर रही हैं। वह दिखा रही हैं कि वह लोकतंत्र और संविधान की विरोधी हैं। हमें खुशी है कि उनका यह रूप देश और पश्चिम बंगाल की जनता के सामने आ रहा है।
पश्चिम बंगाल में हिंसा और तोड़फोड़ की खबरों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा सख्त कार्रवाई के निर्देशों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसद ने राज्य में सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं पर राजनीतिक हिंसा का इतिहास होने का आरोप लगाया।
सांसद ने कहा, "वह हिंसा का सहारा लेने के लिए जाने जाते हैं। पिछले चुनाव में भी सैकड़ों लोग मारे गए थे और कई महिलाओं और बेटियों की गरिमा का उल्लंघन हुआ था। छिटपुट घटनाएं भी हुई हैं, लेकिन यह इस तरह की हिंसा का पहला बड़ा मामला है और निश्चित रूप से इसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।"
भाजपा सांसद ने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा, "उनके पास नाटक करने के लिए पूरी जिंदगी पड़ी है। अभिषेक बनर्जी और ममता अपना नाटक जारी रख सकते हैं। लोकतंत्र और संविधान किसी के नाटक पर निर्भर नहीं हैं।"
सनातन धर्म को लेकर हालिया राजनीतिक बयानों का जिक्र करते हुए मनोज तिवारी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का समर्थन किया।
उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जो भी सनातन का अपमान करेगा, उसे हार का सामना करना ही होगा, इसमें कोई संदेह नहीं है। आत्मसम्मान सर्वोपरि है। बंगाल और तमिलनाडु इसका उदाहरण हैं। एमके स्टालिन और उनके बेटे ने सनातन के विरुद्ध बयान दिए, लेकिन उन्हें स्वयं हार का सामना करना पड़ा। मैं और पूरा देश योगी आदित्यनाथ के इस कथन से सहमत हैं।"
--आईएएनएस
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