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मणिपुर के मुख्यमंत्री ने पूर्वजों की विरासत और धरोहर की रक्षा करने का आह्वान किया

 

इंफाल, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने शुक्रवार को जनता से राज्य की रक्षा करने और पूर्वजों द्वारा छोड़ी गई समृद्ध विरासत और धरोहर को संरक्षित करने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने इंफाल के भाग्यचंद्र ओपन एयर थिएटर (बीओटी) में आयोजित वार्षिक बरकाप-रेइजू महोत्सव 2026 में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए यह अपील की।

यह महोत्सव कोम यूनियन मणिपुर (केयूएम) द्वारा आयोजित किया गया था। कोम समुदाय मणिपुर के मान्यता प्राप्त आदिवासी समुदायों में से एक है और इसे गैर-नागा, गैर-कुकी जनजाति के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

खेमचंद सिंह ने आगे कहा कि मणिपुर की रक्षा 36 विभिन्न समुदायों ने की है, जिन्होंने 891 में हुए एंग्लो-मणिपुरी युद्ध के दौरान अंग्रेजों और सात वर्षीय विनाश के दौरान बर्मावासियों के खिलाफ बहादुरी से लड़कर मणिपुर को बचाया था। उन्होंने सभी से शांतिपूर्ण और सामंजस्यपूर्ण मणिपुर के लिए सामूहिक भावना से मिलकर काम करने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी हालिया मुलाकात के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री को जानकारी दी कि मणिपुर में 36 विभिन्न समुदाय निवास करते हैं और ये समुदाय मणिपुर पर कई राजाओं के शासनकाल से ही सद्भावपूर्वक एक साथ रहते आए हैं।

खेमचंद सिंह ने इस अचानक संकट के कारण राज्य में सभी विकास गतिविधियों के ठप होने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने उनसे पूछा था कि क्या प्रत्येक समुदाय के सदस्यों वाली कोई अखंडता समिति है। जवाब में उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि वे ऐसी समिति गठित करने की योजना बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मणिपुर कई विभिन्न समुदायों का घर है, लेकिन कुछ छोटे समुदाय भी हैं जिनकी आबादी बहुत कम है और उन्हें राज्य विधानसभा में अपने समुदाय से प्रतिनिधित्व करने के लिए विधायक चुनने का मौका तक नहीं मिला है।

देश के अन्य राज्यों का जिक्र करते हुए खेमचंद सिंह ने कहा कि उन राज्यों में दो सदनों वाली द्विसदनीय विधायिका है, जिसमें उच्च सदन और निम्न सदन शामिल हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की व्यवस्था मणिपुर में भी अपनाई जा सकती है और इसके लिए संसाधनों को जुटाने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वे महाराजा लीशेम्बा सनाजाओबा को आमंत्रित करेंगे और प्रस्तावित समिति में प्रत्येक समुदाय से एक सदस्य को शामिल करके विकास गतिविधियों में कम आबादी वाले छोटे समुदायों की सहायता करने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मणिपुर की आबादी भले ही कम हो, लेकिन इसे 'भारत का खेल केंद्र' कहा जाता है।

खेमचंद सिंह ने कहा कि कॉम जैसे छोटे समुदाय ने भी एमसी मैरी कॉम जैसी ओलंपियन को जन्म दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसा उदाहरण दर्शाता है कि हम मेहनती हैं और राज्य में प्रचुर मात्रा में मानव संसाधन हैं।

--आईएएनएस

एमएस/