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शांति केवल बातचीत के माध्यम से ही बहाल की जा सकती है: युमनाम खेमचंद सिंह

 

इंफाल, 5 सितंबर (आईएएनएस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने शनिवार को कहा कि राज्य में कई चुनौतियों और जातीय संकटों का सामना करने के बावजूद, अब शांति की वापसी के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने राज्य में मौजूदा जातीय स्थिति का जिक्र करते हुए यह बात कही।

राज्य स्तरीय शिक्षक दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बंद, आंदोलन और नाकाबंदी अंततः जनता को कष्ट पहुंचाते हैं और अर्थव्यवस्था एवं शिक्षा क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित करते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि शांति केवल बातचीत के माध्यम से ही बहाल की जा सकती है और समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक दिवस सभी को याद दिलाता है कि शिक्षण केवल एक पेशा नहीं बल्कि एक महान जिम्मेदारी और राष्ट्रीय कर्तव्य है।

उन्होंने कहा कि एक शिक्षक का सर्वोच्च गुण प्रत्येक छात्र के साथ अपने परिवार के सदस्य के समान स्नेह और चिंता का व्यवहार करना है। उन्होंने शिक्षकों के समर्पण और प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि प्रत्येक शिक्षक युवा मन को शिक्षित और मार्गदर्शन करके समाज में अपना अनूठा योगदान देता है।

मुख्यमंत्री ने हाल ही में छात्र नेताओं के साथ हुई अपनी बातचीत को याद करते हुए कहा कि उन्होंने छात्रों के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाई और आंदोलन का सहारा नहीं लिया।

उन्होंने इस मुद्दे के संबंध में बुलाए गए बंद में भाग न लेने के उनके निर्णय की सराहना की।

मणिपुर के मुख्य सचिव राजीव सिंह ठाकुर ने अपने संबोधन में बच्चों और समाज के भविष्य को संवारने में शिक्षा के महत्व पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि जब एक बच्चे को अच्छी शिक्षा मिलती है, तो यह एक बेहतर भविष्य का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने कहा कि पीढ़ियों का निर्माण शिक्षा की प्रक्रिया से होता है।

समारोह के दौरान, मुख्यमंत्री ने छह शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार 2026 प्रदान किए।

पुरस्कृत शिक्षक हैं ओइनम रणजीत सिंह, सलाम सुनीता देवी, आरके बादल सिंह, हंजाबम संगीता देवी, फेलिम कीशिंग, काकचिंगताबम प्रमोदिनी देवी और एम. मंगखोनेंग हाओकिप। प्रत्येक शिक्षक को 50,000 रुपए का नकद पुरस्कार दिया गया।

मुख्यमंत्री का शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार भी आठ कॉलेजों को प्रदान किया गया।

--आईएएनएस

एमएस/