मणिपुर के सीएम ने सुरक्षा हालात का लिया जायजा, अंतर-राज्यीय बस सेवाएं जल्द शुरू करने पर दिया जोर
इंफाल, 10 अगस्त (आईएएनएस)। राज्य की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति का आकलन करने और उसे और मजबूत करने के लिए मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने सोमवार को 'संयुक्त मुख्यालय' (यूनिफाइड कमांड) की सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यहां सिविल सचिवालय में हुई बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य भर में कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति और सुरक्षा से जुड़े अन्य पहलुओं की समीक्षा की।
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा हालात और यात्रियों तथा माल ढोने वाले वाहनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
इंफाल-जिरीबाम राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-37) और इंफाल-दीमापुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-2) मणिपुर की दो अहम जीवन रेखाएं हैं, जो चारों ओर से जमीन से घिरे इस राज्य को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ती हैं। 3 मई, 2023 को जातीय हिंसा शुरू होने के बाद से कांगपोकपी जिले से होकर गुजरने वाले एनएच-2 पर आवाजाही कानून-व्यवस्था की समस्याओं, बीच-बीच में लगने वाले जाम और सुरक्षा चिंताओं के कारण बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही है और जरूरी सामान की ढुलाई पर भी असर पड़ रहा है।
इस हाई-लेवल मीटिंग में मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल, मणिपुर सरकार के मुख्य सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह, पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (इंटेलिजेंस) लहरी दोरजी ल्हातू, असम राइफल्स (दक्षिण) के महानिरीक्षक मेजर जनरल गौरव शर्मा, 57 माउंटेन डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल शुभंकर बसु, सीआरपीएफ के महानिरीक्षक राजेंद्र नारायण डैश और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
राज्य में काम कर रहे सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (सीएपीएफ), इंटेलिजेंस एजेंसियों और अन्य सुरक्षा संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी मीटिंग में हिस्सा लिया और सुरक्षा की तैयारियों का जायजा लिया।
अधिकारियों के मुताबिक, यूनिफाइड कमांड की मीटिंग में शांति बनाए रखने, सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल बेहतर करने, खुफिया जानकारी जुटाने की प्रक्रिया को मजबूत करने और मुख्य ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर पर लोगों व सामान की आवाजाही जारी रखने पर फोकस किया गया।
यूनिफाइड कमांड की मीटिंग के बाद, मुख्यमंत्री ने उन्हीं शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों और ट्रांसपोर्टरों के प्रतिनिधियों के साथ एक अलग हाई-लेवल मीटिंग की, जिसमें इंफाल-गुवाहाटी और इंफाल-दीमापुर बस सेवाओं को जल्द फिर से शुरू करने पर चर्चा की गई।
इस बैठक में दो अहम रूटों पर यात्री बस सेवाओं के सुरक्षित संचालन के लिए जरूरी सुरक्षा इंतजामों और आपसी भरोसा बढ़ाने वाले उपायों की समीक्षा की गई।
8 अगस्त को पहाड़ी कांगपोकपी जिला मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह, उपमुख्यमंत्री नेमचा किपजेन और सैतू विधानसभा क्षेत्र के निर्दलीय विधायक हाओखोलेट किपजेन ने संयुक्त रूप से इन दो बस सेवाओं को फिर से शुरू करने की घोषणा की।
बस सेवाओं को फिर से शुरू करने के इस प्रस्ताव को मणिपुर और पड़ोसी राज्यों (असम और नागालैंड) के बीच सामान्य स्थिति बहाल करने और कनेक्टिविटी बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि जातीय अशांति के कारण लंबे समय से यहां कामकाज बाधित रहा था।
--आईएएनएस
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