ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के बारे में जिलावार मांगी रिपोर्ट
कोलकाता, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में इस साल के अंत तक होने वाले सात शहरी निकाय चुनावों के मद्देनजर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के नेताओं को निर्देश दिया है कि वे स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की जिलावार विस्तृत सूची तैयार करें। इस सूची में उन लोगों को शामिल किया जाना है, जो तृणमूल कांग्रेस के उस गुट के प्रति निष्ठावान बने हुए हैं, जिसका नेतृत्व ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी कर रहे हैं।
तृणमूल के ममता बनर्जी गुट के एक नेता ने कहा, "एक बार जिला-वार सूचियां मिल जाने के बाद ममता बनर्जी अपनी पार्टी के राज्य नेतृत्व के साथ एक बैठक करेंगी और शहरी निकाय चुनावों के लिए नामों को अंतिम रूप देंगी। इस बैठक में चुनावों के लिए रणनीति भी तय की जाएगी।"
उन्होंने बताया कि नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं की ऐसी जिला-स्तरीय सूची तैयार करना, जो अभी भी उनके प्रति वफादार हैं, इसलिए भी जरूरी है ताकि इसे भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) को सौंपा जा सके। इससे 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'फूल और घास' वाले चुनाव चिह्न पर उनके गुट के अधिकार को साबित किया जा सकेगा।
नेता ने कहा, "हमने इस मामले में जिला-स्तरीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से शपथ-पत्र लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। हालांकि, राज्य सरकार पुलिस के जरिए हमारे जिला-स्तरीय नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दबाव डाल रही है कि वे ऐसे शपथ-पत्रों पर हस्ताक्षर करें, जिनमें वे ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट के प्रति अपनी वफादारी की पुष्टि करें।"
पूर्वी मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र और मुर्शिदाबाद जिले के रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र में हाल ही में हुए उपचुनावों की तरह ही तृणमूल कांग्रेस में ममता बनर्जी के गुट को आगामी सात शहरी निकाय चुनावों में नए नाम "ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस" और नए चुनाव चिह्न "फुटबॉल खिलाड़ी" के साथ मैदान में उतरना होगा।
इसी तरह, ऋतब्रत के नेतृत्व वाले बागी गुट को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' नाम से और 'लिफाफा' चुनाव चिह्न के साथ चुनाव लड़ना होगा।
कोलकाता नगर निगम (केएमसी) और हावड़ा नगर निगम (एचएमसी) सहित सात शहरी निकायों के लिए मतदान नवंबर के आखिरी हफ्ते में होने की संभावना है और नतीजे दिसंबर के पहले हफ्ते में घोषित किए जा सकते हैं।
हालांकि तृणमूल कांग्रेस में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट कांग्रेस के साथ गठबंधन करके निकाय चुनाव लड़ना चाहता था लेकिन कांग्रेस की राज्य इकाई ने पहले ही इससे इनकार कर दिया है। दूसरी ओर, ऋतब्रत के नेतृत्व वाले गुट ने साफ कर दिया है कि वे बिना किसी गठबंधन के अकेले ही निकाय चुनाव लड़ेंगे।
--आईएएनएस
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