पीएम मोदी के जनसेवा के 25 साल पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव, महाराष्ट्र कैबिनेट ने किसानों के लिए भी बड़ी घोषणा
मुंबई, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार की कैबिनेट ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर उनका अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में कैबिनेट ने किसानों को 5,000 रुपए की आर्थिक सहायता के प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शासन प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे किए हैं। इस अवसर पर महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में उनके कार्यकाल और राष्ट्रसेवा के योगदान का उल्लेख करते हुए एक अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया गया है। इस प्रस्ताव में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों और वंचितों को केंद्र में रखकर राष्ट्रसेवा को प्राथमिकता दी है। उन्होंने स्वयं को प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि प्रधानसेवक बताया है। सेवा, समर्पण और कर्मयोग उनकी कार्यशैली के प्रमुख आधार रहे हैं।
सीएम फडणवीस ने कहा कि गरीबों के लिए आवास, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही उन्होंने सुशासन का एक नया मॉडल प्रस्तुत किया। प्रस्ताव में कहा गया है कि उनके नेतृत्व में देश में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के रूप में ‘वन नेशन, वन टैक्स’ व्यवस्था लागू की गई, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि रक्षा क्षेत्र में भारत की क्षमता बढ़ाने और राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने के प्रयासों का भी उल्लेख किया गया है। प्रस्ताव में अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण सहित देश के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन और राष्ट्रसेवा के योगदान को रेखांकित किया गया है।
साथ ही, मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि दीवाली से पहले महाराष्ट्र सरकार किसानों के खातों में 5,000 रुपए की आर्थिक सहायता देगी। सरकार का उद्देश्य सूखे और फसल के नुकसान से जूझ रहे किसानों को त्योहार से पहले आर्थिक राहत पहुंचाना है, ताकि दिवाली के दौरान उनके हाथ में कुछ पैसे रहें और वे त्योहार की जरूरतें पूरी कर सकें।
महाराष्ट्र सरकार ने पहले 265 तहसीलों में सूखा घोषित किया था। अब इस सूची में 40 और तहसीलों को शामिल किया गया है। इसके साथ ही राज्य में सूखाग्रस्त घोषित तहसीलों की कुल संख्या बढ़कर 305 हो गई है।
इस बैठक में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और राज्य मंत्रिपरिषद के अहम सदस्य शामिल हुए।
--आईएएनएस
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