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महाराष्ट्र कांग्रेस ने सीईसी ज्ञानेश कुमार और एमपीएससी अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की

 

मुंबई, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एमपीसीसी) के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने देश की चुनावी व्यवस्था पर कब्जा कर लिया है और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार और महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के तत्काल इस्तीफे की मांग की।

गांधी जयंती के अवसर पर ऐतिहासिक मणि भवन का दौरा करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में सपकाल ने कहा कि संस्थागत भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक इसके लिए जिम्मेदार प्रमुख लोग अपने पदों से इस्तीफा नहीं देते। इस दौरान उनके साथ महाराष्ट्र कांग्रेस प्रभारी सिरीवेल्ला प्रसाद भी मौजूद थे।

सपकाल ने सीईसी ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह "भाजपा के एजेंट" की तरह काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों के बाद निर्वाचन आयोग को फॉर्म-6 में किए गए कथित मनमाने बदलाव वापस लेने पड़े।

उन्होंने सवाल उठाया कि जनता को यह बताया जाना चाहिए कि चुनाव संबंधी निर्णय लेने की शक्तियां किसी निजी संस्था को सौंपने की अनुमति किसने दी थी। महाराष्ट्र कांग्रेस पहले भी चुनावी सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाती रही है।

एमपीएससी को लेकर सपकाल ने छात्रों के जारी विरोध प्रदर्शन को कांग्रेस का पूर्ण समर्थन देने की बात कही। उन्होंने आयोग के कामकाज के स्तर को "बेहद खराब" बताते हुए एमपीएससी अध्यक्ष विवेक भीमनवार के तत्काल इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आंदोलनरत युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है।

मणि भवन के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए सपकाल ने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान यहां काफी समय बिताया था। उन्होंने कहा कि गांधी का सम्मान करने का अर्थ संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करना भी है।

सपकाल ने कहा कि गांधी की विचारधारा छत्रपति शिवाजी महाराज, शाहू महाराज, महात्मा फुले, डॉ. बी.आर. आंबेडकर और महाराष्ट्र की संत परंपरा की विरासत को प्रतिबिंबित करती है। उन्होंने आरएसएस की विचारधारा पर भी टिप्पणी की और कहा कि वह भेदभाव को बढ़ावा देती है। उन्होंने आरएसएस से अपने कार्यालयों में भारत का संविधान स्थापित करने और संगठन को भंग करने की मांग की।

महंगाई के मुद्दे पर महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष ने मौजूदा सरकार की तुलना पूर्ववर्ती यूपीए सरकार से की। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत मनमोहन सिंह के कार्यकाल में वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद पेट्रोल की कीमत करीब 70 रुपये प्रति लीटर और एलपीजी सिलेंडर की कीमत 450 रुपये रखी गई थी, ताकि आम जनता पर बोझ कम हो।

सपकाल ने आरोप लगाया कि मौजूदा मोदी सरकार कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने पर ध्यान दे रही है, जबकि आम नागरिक लगातार बढ़ती महंगाई का बोझ उठा रहे हैं।

--आईएएनएस

डीएससी