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अमरावती विधेयक को मंजूरी देने के लिए आंध्र प्रदेश के नेताओं ने राष्ट्रपति से की मुलाकात, दिया धन्यवाद

 

नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मानव संसाधन विकास मंत्री नारा लोकेश ने सोमवार को राज्य के एनडीए सांसदों के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की और अमरावती को राज्य की स्थायी राजधानी के रूप में कानूनी मान्यता देने के लिए धन्यवाद दिया।

मंत्री नारा लोकेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलना सम्मान की बात थी और उन्होंने आंध्र प्रदेश के करोड़ों लोगों की ओर से अमरावती को राज्य की राजधानी घोषित करने वाले बिल को मंजूरी देने के लिए आभार व्यक्त किया।

तेलुगु देशम पार्टी के महासचिव नारा लोकेश ने बताया कि राष्ट्रपति मुर्मु ने किसानों के असाधारण धैर्य और बलिदान तथा मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के मजबूत नेतृत्व की सराहना की, जिनके कारण राज्य की राजधानी को लेकर लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता खत्म हुई।

लोकेश ने कहा, "मुझे उनसे (राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु) एक कॉफी टेबल बुक भेंट करने का भी सम्मान मिला, जिसमें अमरावती की यात्रा और हमारे किसानों के संघर्ष की प्रेरणादायक कहानी दर्शाई गई है।"

राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक एक्स अकाउंट के अनुसार, आंध्र प्रदेश के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की, जिसमें केंद्रीय इस्पात और भारी उद्योग राज्य मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा, मंत्री नारा लोकेश और राज्य के राज्यसभा व लोकसभा सांसद शामिल थे।

राष्ट्रपति मुर्मु ने 6 अप्रैल को आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दी थी, जिसे संसद ने पारित किया था। उसी दिन केंद्र सरकार ने राजपत्र अधिसूचना जारी कर अमरावती को आंध्र प्रदेश की एकमात्र और स्थायी राजधानी का कानूनी दर्जा दे दिया।

यह संशोधन अधिनियम, 2014 के आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम में बदलाव करता है। संसद ने 2 अप्रैल को इस विधेयक को अंतिम मंजूरी दी थी, जिसमें अमरावती को आधिकारिक रूप से राजधानी घोषित किया गया।

राज्यसभा ने लोकसभा द्वारा पारित किए जाने के एक दिन बाद इसे ध्वनि मत से पास किया।

संसद से बिल पारित होने के बाद मंत्री नारा लोकेश और एनडीए सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर उनका भी धन्यवाद किया।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी