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महाराष्ट्र में अवैध साहूकारी पर रोक लगाने के लिए जल्द ही कड़ा कानून लाया जाएगा: बाबासाहेब पाटिल

 

मुंबई, 29 जून (आईएएनएस)। सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में पूरे महाराष्ट्र में अवैध रूप से पैसे उधार देने की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लिया है और मौजूदा कानूनों में संशोधन की तैयारी शुरू कर दी है।

2022 से राज्य में साहूकारों द्वारा दिए गए लोन में 400 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई है। इसी दौरान औपचारिक बैंकिंग सेक्टर ने 12,415 करोड़ रुपए के लोन बांटे हैं।

अमरावती जिले में साहूकारों से लिए जाने वाले लोन के बारे में चर्चा की शुरुआत सुलभ खोडके ने प्रश्नकाल के दौरान की।

मंत्री पाटिल ने अपने जवाब में राज्य में साहूकारी से जुड़े आंकड़ों की जानकारी दी।

कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार, नाना पटोले, कैलाश पाटिल, हरीश पिंपल और हेमंत ओगले समेत कई सदस्यों ने इस बहस में हिस्सा लिया।

विपक्ष के सदस्यों ने आरोप लगाया कि किसान साहूकारों की ओर रुख इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें राज्य के औपचारिक बैंकिंग सिस्टम से लोन नहीं मिल पा रहा है।

अवैध साहूकारी का मुद्दा उठाते हुए हरीश पिंपल ने बताया कि अवैध लोन अक्सर सादे कागज की पर्चियों पर दिए जाते हैं और उन्होंने मांग की कि ऐसी शिकायतों को दर्ज करने के लिए एक खास हेल्पलाइन बनाई जाए।

सदस्य नाना पटोले ने आरोप लगाया कि अवैध साहूकारी इसलिए बढ़ी है क्योंकि जिला शिकायत निवारण समितियां निष्क्रिय हो गई हैं।

इन चिंताओं का जवाब देते हुए मंत्री पाटिल ने कहा, "राज्य को अब तक अवैध साहूकारी के बारे में 343 शिकायतें मिली हैं। जांच-पड़ताल में इनमें से 266 मामलों में सच्चाई पाई गई और 34 मामलों में अवैध साहूकारी की पुष्टि हुई। सभी 34 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई हैं और 48 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।"

उन्होंने कहा कि सरकार उन किसानों को लोन दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है जिन्हें लोन लेने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और इसके लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

मंत्री पाटिल ने कहा, "2022 से साहूकारी लोन में 400 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई है, जबकि बैंकिंग सिस्टम ने 12,415 करोड़ रुपए के लोन बांटे हैं, इसलिए यह कहना गलत है कि बैंक लोन देने से इनकार कर रहे हैं।"

साथ ही, उन्होंने सदन को भरोसा दिलाया कि अगर लाइसेंस वाले सिस्टम के बाहर अवैध साहूकारी चलने की जानकारी मिलती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विजय वडेट्टीवार ने रोशन कुले साहूकारी मामले में सरकार की विफलता पर गंभीर सवाल उठाए। महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले का रोशन कुले मामला एक हाई-प्रोफाइल और बेहद दुखद घटना है। इसने ज्यादा ब्याज पर गैर-कानूनी तरीके से पैसे उधार देने (सूदखोरी) और अंगों की तस्करी करने वाले अंतरराष्ट्रीय रैकेट के बीच के खतरनाक गठजोड़ का पर्दाफाश किया।

वडेट्टीवार ने कहा, "साहूकार दिवाकर निकुरे ने किसानों की जमीनें हड़प लीं और लगभग 130 चेक जारी किए, जो सभी बाउंस हो गए। उसके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई? इतने बड़े पैमाने पर लोगों के साथ धोखाधड़ी करने के बावजूद वह अभी भी आजाद क्यों घूम रहा है?"

इस सवाल का जवाब देते हुए मंत्री पाटिल ने सदन को भरोसा दिलाया कि रोशन कुले मामले में शामिल व्यक्ति की गहन जांच की जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा, मंत्री पाटिल ने विधानसभा को बताया कि राज्य सरकार महाराष्ट्र में गैर-कानूनी साहूकारी पर रोक लगाने के लिए कानून में और कड़े प्रावधान लाएगी, जिसमें मौजूदा कानूनों की तुलना में कहीं ज्यादा सख्त सजा का इंतजाम होगा।

उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसके लिए आसानी से लोन उपलब्ध कराना, गैर-कानूनी साहूकारी पर कड़ा नियंत्रण रखना और शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई करना शामिल है।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी