जम्मू-कश्मीर: पुंछ में एलओसी के पास मिली लैंडमाइन, सेना ने सुरक्षित तरीके से किया नष्ट
जम्मू, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय सेना ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के मेंढर सब डिविजन में लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) के पास एक लैंडमाइन का पता लगाया, जिसे बाद में सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया गया।
बालाकोट के फॉरवर्ड एरिया में रूटीन पेट्रोलिंग के दौरान इस लैंडमाइन का पता चला और बाद में बम डिस्पोजल टीम ने इसे नष्ट कर दिया। घुसपैठ रोकने के सिस्टम के तहत फॉरवर्ड एरिया में कई जगह लैंडमाइन बिछाई जाती हैं। कभी-कभी बारिश में ये बह जाती हैं और बाद में किसी भी अनहोनी घटना से बचने के लिए इन्हें ढूंढकर नष्ट कर दिया जाता है।
5 अक्टूबर को मेंढर सेक्टर में बसूनी टॉप पर बॉर्डर फेंस के पास दो लैंडमाइन मिली थीं, जिन्हें कंट्रोल करके धमाके के साथ नष्ट कर दिया गया। सेना की बम डिस्पोजल टीम को तुरंत मौके पर भेजा गया और उन्होंने बिना किसी नुकसान के दोनों विस्फोटकों को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया।
एलओसी के पास के इलाकों में घुसपैठ रोकने के सिस्टम के तौर पर लैंडमाइन का इस्तेमाल किया जाता है। तेज बारिश और मौसमी बाढ़ की वजह से लैंडमाइन अक्सर अपनी असली जगह से हटकर बह जाती हैं। पहाड़ी इलाकों में जंगल की आग से पुरानी या अपनी जगह से हटी हुई लैंडमाइन में अचानक धमाका हो सकता है।
अपनी जगह से हटे हुए विस्फोटक सुरक्षा गश्त करने वालों और बॉर्डर के पास रहने वाले लोगों के लिए खतरा पैदा करते हैं। अधिकारी स्थानीय लोगों और बच्चों को सलाह देते हैं कि वे अनजान, बहकर आई या संदिग्ध चीजों से दूर रहें और तुरंत उनकी सूचना दें।
जन-जागरूकता कैंप, जैसे कि हाल ही में बालाकोट में जीरो लाइन पर हुई पुलिस कम्युनिटी पार्टनरशिप ग्रुप (पीसीपीजी) की बैठक, ग्रामीणों को साफ तौर पर बताते हैं कि संदिग्ध चीजों को कैसे संभालना चाहिए।
स्थानीय निवासियों, खासकर किसानों और मवेशी चराने वाले बच्चों को सख्त सलाह दी जाती है कि वे बहकर आई या अनजान धातु की चीजों को कभी न छुएं, उनके पास न जाएं और न ही उन्हें हटाने की कोशिश करें।
अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी असामान्य चीज के मिलने पर तुरंत नजदीकी सुरक्षा चौकी या पुलिस आउटपोस्ट को सूचित किया जाना चाहिए, ताकि एक पेशेवर टीम उसे संभालने का काम कर सके।
विस्फोटकों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने और सीमा पार से घुसपैठ के खतरों से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है और ड्रोन से निगरानी तथा जंगल में गश्त बढ़ा दी गई है।
--आईएएनएस
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